प्रदेश सरकार अब जिले की महिलाओं को सबल बनाने के लिए आशा ज्योति केंद्र खोलेगी। इस केंद्र पर यौन उत्पीड़न, रेप, एसिड अटैक, तीन तलाक व घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को कानूनी व चिकित्सीय सहायता मुहैया कराई जाएगी।
केंद्र में डॉक्टर, पुलिस और मनोवैज्ञानिकों की तैनाती होगी। जो इन महिलाओं की मदद करेंगे। यह केंद्र जिला अस्पताल परिसर में खोला जाएगा।
सपा सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के 11 जिलों में रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केंद्रों की स्थापना की थी। सूबे में सत्ता परिवर्तन होने के बाद प्रदेश सरकार ने इस केंद्र को विस्तार देकर सभी जिलों में स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव भी मांगा गया था।
शासन से हरी झंडी मिलने के बाद जनपद के जिला अस्पताल में जगह चिन्हित कर ली गई है। इसके लिए जिला अस्पताल में 500 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता होगी। पीड़िताओं को कानूनी सहायता दिलाने के लिए अच्छे अधिवक्ता भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ये केंद्र 24 घंटे काम करेगा और यहां दो काउंसलर तैनात रहेंगे।
पांच करोड़ रुपये से बनेगा केंद्रः सीडीओ के मुताबिक, आशा ज्योति केंद्र बनाने पर पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा संबंधित विभागों को अपने-अपने बजट से स्टाफ व सुविधाएं मुहैया करानी होंगी।