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Bulandshahar News: बदमाश बलराम का शव पहुंचते ही जहांगीराबाद में लगे नारे, दर्ज हुई एफआईआर

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जहांगीराबाद में बदमाश बलराम के घर के पास तैनात पुलिस।
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जहांगीराबाद। गाजियाबाद पुलिस द्वारा मुठभेड़ में मारे गए बलराम ठाकुर का शव रविवार रात करीब 11 बजे जहांगीराबाद लाया गया। शव पहुुंचते ही कस्बे का माहौल तनावपूर्ण हो गया। भारी संख्या में लोग बलराम के घर पर उमड़ पड़े। गांव के युवाओं ने गाड़ियों की खिड़कियों से बाहर निकलकर बलराम के पक्ष में नारे लगाए। सोमवार को पुलिस ने नारेबाजी की वायरल वीडियो के आधार पर अज्ञात युवकोंं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
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बलराम का शव लेकर एंबुलेंस जैसे ही कस्बे में दाखिल हुई तो कई वाहनों का काफिला शव के साथ चल दिया। समर्थकों की भीड़ ने बलराम के पक्ष में जमकर नारेबाजी की। बलराम की शव यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। एहतियात के तौर पर जहांगीराबाद से लेकर मस्तराम घाट अनूपशहर तक पुलिस ने सख्त सुरक्षा इंतजाम किए। एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ अनूपशहर रामकरण सिंह समेत कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात रही। रातभर बलराम के घर और आसपास के इलाकों में पुलिस का पहरा रहा।
सोमवार सुबह पुलिस की निगरानी में बलराम के शव को गंगा तट स्थित मस्तराम घाट ले जाया गया, जहां पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भी बड़ी संख्या में लोग घाट पर मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर सोमवार को नारेबाजी का वीडियो वायरल होते ही पुलिस एक्शन में आ गई। पुलिस ने वीडियो के आधार पर फिलहाल अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है और उनकी शिनाख्त कर कार्रवाई करने में जुट गई है।
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मां ने की निष्पक्ष जांच की मांग

बलराम की मां श्रमवती देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे को फर्जी मुठभेड़ में जबरन मार दिया गया। वो किसी का नुकसान नहीं कर रहा था। पुलिस ने उसे पहले पकड़ा और बाद में मुठभेड़ में मारने का नाटक किया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि उन्हें न्याय चाहिए।



मोहल्ले में पसरा सन्नाटा, लोग सहमे
बलराम के अंतिम संस्कार के बाद क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया। हालांकि, समर्थकों में अब भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बलराम के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया या नहीं।


पुलिस रिकॉर्ड में बलराम पर थे कई आपराधिक मामले

गौरतलब है कि बलराम ठाकुर पर पुलिस रिकॉर्ड में लूट, रंगदारी, हत्या के प्रयास समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। गाजियाबाद पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मार गिराने की बात कही थी। पुलिस का कहना है कि बलराम लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर इनाम भी घोषित था।





कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वायरल वीडियो के आधार पर अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शिनाख्त कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - डा. तेजवीर सिंह, एसपी देहात
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