स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से आरोग्य मेले में नहीं पहुंच रहे मरीज
बुलंदशहर। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में स्वास्थ्य अफसरों की लापरवाही के चलते मरीज नहीं पहुंच रहे हैं। मेले में विशेषज्ञ न होने और उच्च अफसरों द्वारा निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति किए जाने से इसका असर प्रत्येक रविवार को लगने वाले आरोग्य मेले पर पड़ रहा है। जिले के 71 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को तीन स्थानों पर मेले की पड़ताल की गई तो वहां पर मौजूद स्टाफ मरीजों का इंतजार करता नजर आया।
कसेरकलां पीएचसी : मरीज का इंतजार करते स्वास्थ्यकर्मी
डिबाई तहसील क्षेत्र के गांव कसेरकलां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। सुबह नौ बजे से 11 बजे तक केंद्र पर मात्र पांच मरीज की अपनी जांच कराने पहुंचे। इसके बाद काफी समय तक चिकित्सक और कर्मी मरीजों के आने का इंतजार करते मिले। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश की वजह से मरीज कम आ रहे हैं।
छतारी पीएचसी : दिनभर में पहुंचे मात्र नौ मरीज
छतारी कस्बे में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले के आयोजन के दौरान सभी स्टाफ समय से केंद्र पर पहुंच गया लेकिन मरीजों का इंतजार मेला समाप्त होने तक किया गया। केंद्र पर रविवार को मात्र नौ मरीज ही उपचार कराने के लिए पहुंचे। प्रभारी डॉ. अजीम ने बताया कि आरोग्य मेले के दौरान मात्र नौ मरीज आए। जिनका प्राथमिक उपचार कर दवा दी गई।
चोला पीएचसी : एक-एक कर आते रहे मरीज
चोला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। आरोग्य मेले के दौरान केंद्र पर एक-एक कर मरीज आते-जाते रहे। वहीं, कभी-कभी काफी समय तक केंद्र खाली भी नजर आया। चिकित्सक डॉ. प्रीति तोमर ने बताया कि रविवार को सुबह से शाम तक रुक-रुककर बारिश होने के कारण मरीज नहीं आए। जो आए, उन सभी का इलाज कर दवा दी गई।
आरोग्य मेले के दौरान प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक मरीज इसका लाभ ले सकें। समय-समय पर निरीक्षण भी किया जा रहा है। रविवार को जिले के सभी 71 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ