तपिश के बीच पावर कारपोरेशन के अफसर रोस्टरिंग में खेल कर रहे हैं। बिजली पूरी नहीं मिलने से जनता हलकान है। कब कट लग जाए, इसका कोई पता नहीं होता और निर्धारित समयानुसार बिजली में से भी जमकर कटौती की जा रही है। अफसरों का तर्क है कि बिजली कटौती ऊपर से हो रही है।
शासन की ओर से नगरीय क्षेत्र में बिजली सप्लाई 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 14 घंटे निर्धारित है। मगर इस समय नगर में 12 और ग्रामीण क्षेत्र में 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। इसमें लगने वाले कट भी शामिल हैं। कम बिजली ने आमजन की रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया है।
जनता का आरोप है कि अफसर शासन के आदेशों की अवलेहना कर रोस्टरिंग में खेल कर रहे हैं। बिजली कम मिलने से दुकानदारों और फैक्ट्री संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे।
रात भर गायब रही शहर की बिजली
बृहस्पतिवार पूरी रात शहर की बिजली गायब रही। जिसके चलते डीएम रोड, कृष्णा नगर, भूड़ रोड, साठा, आवास विकास, काली नदी रोड, टीचर्स कालोनी, शांति निकेतन, यमुनापुरम में लोगों को रात गुजारनी मुसीबत बन गई।
शुक्रवार दिन में भी सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक बिजली गुल रही। ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति का सबसे बुरा हाल है। ग्रामीण किसी तरह रात गुजार रहे हैं मगर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को इन्वर्टर और जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है।
पेयजल संकट भी गहराया
बिजली आपूर्ति कम मिलने के कारण पेयजल संकट गहरा गया है। नगरीय क्षेत्र में सुबह के समय पानी की सप्लाई कम मिली। जिसके चलते उन लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा जो जल निगम द्वारा सप्लाई किए जाने वाले पानी का ही इस्तेमाल करते हैं।
बयान---विद्युत आपूर्ति ऊपर से ही कम हो रही है। जितनी बिजली मिल रही है। उसे सप्लाई किया जा रहा है। गर्मी के मौसम में फाल्ट आदि की समस्या आने से भी विद्युत आपूर्ति बाधित हो जाती है। प्रयास किए जा रहे हैं कि निर्धारित विद्युत आपूर्ति की जाए। - डीसी शर्मा, एक्सईएन