गाजियाबाद। उमस भरी गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से नाराज नंदग्राम के लोगों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग नंदग्राम बिजली उपकेंद्र पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से बिना पूर्व सूचना के रोजाना पांच से छह घंटे बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे पेयजल संकट भी गहरा गया है। अधिकारियों की मान-मनौव्वल और निर्बाध आपूर्ति के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए।
स्थानीय निवासी आलोक यादव ने बताया कि आकाशनगर, मरियमनगर, घुकना, डायट ऑफिस के पास व कुछ अन्य इलाकों में रोजाना चार से पांच घंटे बिजली गुल रहती है। इससे छह से सात हजार आबादी प्रभावित हो रही है। बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। सुबह के समय कटौती होने से पानी की आपूर्ति भी प्रभावित होती है और लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।
रमेश त्यागी ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब सात बजे बिजली चली गई और रात करीब 10 बजे तक बहाल नहीं हुई। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। इससे नाराज लोग उपकेंद्र पहुंच गए थे और प्रदर्शन किया था। इसके बाद आपूर्ति बहाल हुई थी।
मोरटी से आने वाली 33 केवी लाइन हुई खराब
शनिवार दोपहर करीब 3:40 बजे मोरटी से आने वाली 33 केवी लाइन में तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते उससे जुड़े कई उपकेंद्रों और इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। ऊर्जा निगम के अधिकारी और कर्मचारी शाम सात बजे तक लाइन को दुरुस्त करने में जुटे रहे।
कई इलाकों में दिनभर बिजली संकट
शनिवार को पटेलनगर, कैला भट्ठा, नेहरूनगर, अशोकनगर, घंटाघर, विजयनगर, लालकुआं, सुदामापुरी, नंदग्राम, साहिबाबाद, मोहननगर और इंदिरापुरम समेत कई इलाकों में फॉल्ट के कारण घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।
केवल उपकरणों में खराबी आने पर ही आवश्यक शटडाउन लिया जाता है। इसके अलावा विभाग की ओर से किसी प्रकार की निर्धारित बिजली कटौती नहीं की जा रही है।
-पवन अग्रवाल, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम जोन-1
नन्दग्राम में बिजली कटौती का विरोध प्रदर्शन करते लोग। स्रोत वीडियोग्रैब