गोपालजी का आनंदा ब्रांड फुल क्रीम दूध शुद्धता की कसौटी में खरा है। कंपनी के क्वालिटी प्रमुख विनय दीक्षित ने बताया कि आनंदा ब्रांड के दूध का सैंपल जून, 2015 में लिया गया था, जिसे जांच के लिए लखनऊ स्टेट लैब भेजा गया था।
लैब की रिपोर्ट में दूध सही पाया गया था। इधर कंपनी के अफसरों ने भी दूध का नमूना सेंट्रल लैब कोलकाता दोबारा जांच के लिए भिजवाया था। इस लैब की रिपोर्ट में दूध मिस्ब्रांड हो गया। कंपनी के क्वालिटी कंट्रोल प्रमुख विनय दीक्षित ने कहा कि आनंदा ब्रांड का दूध कसौटी में खरा है और इसमें किसी तरह की मिलावट नहीं है।
चूंकि स्टेट लैब के बाद जो दूध का सैंपल कोलकाता भेजा गया था, वह पुराना हो चुका था। संदेह है कि दूध का नमूना पुराना हो जाने के कारण खराब हो गया होगा, जिसके चलते कोलकाता लैब की रिपोर्ट सही नहीं मिल पाई।
विनय दीक्षित ने बताया कि कलेक्शन सेंटरों से लेकर उपभोक्ताओं तक दूध पहुंचाने की प्रक्रिया में सभी मानकों का पालन करते हुए गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जाता है। कलेक्शन सेंटरों पर जहां दूध के सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच की जाती है, वहीं दूध को लाने वाले कंटेनरों की नियमित साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है।
चिलिंग की भी समुचित व्यवस्था है। कंपनी का अपना अत्याधुनिक ऑटोमैटिक प्लांट है जहां से क्वालिटी सेल द्वारा पूरी तरह से जांच परख के बाद ही दूध भेजा जाता है।
उन्होंने बताया कि दूध के विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट टोंड, डबल टोंड, स्टैंडर्ड, फुल क्रीम दूध, छाछ, दही, लस्सी, क्रीम फ्लेवर मिल्क, रबड़ी आदि बनाए जाते हैं। हमारी स्पेशल तकनीकी टीम प्रोडक्ट का रखरखाव करती है। स्टैंडर्ड मानकों को ध्यान में रखकर और रुटीन के चेकिंग के बाद प्रोडक्ट तैयार होता है। आनंदा के दूध और अन्य प्रोडक्ट में फैट और सभी जरूरी तत्व मौजूद होते हैं।