त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में गांव अख्तियारपुर में ग्रामीणों ने निर्विरोध गांव की सरकार चुन ली।
गांव में ग्रामीणों ने आम सहमति के बाद ग्राम प्रधान और 13 ग्राम पंचायत सदस्यों को चुनकर गांव की संसद में भेजा है।
ग्रामीणों का ये फैसला उन गांवों के लिए नजीर है जहां सत्ता की खातिर खून खराबा और धन को पानी की तरह बहाया जा रहा है। अनूठे प्रयास को क्षेत्र में काफी सराहा गया है।
अगौता ब्लॉक के गांव अख्तियारपुर में मतदाताओं की संख्या 1515 है। गांव में पंचायत सदस्यों के पद 13 हैं। इस बार प्रधान और सदस्यों को चुनने के लिए गांव में वोटिंग नहीं होगी।
ग्रामीणों ने आम सहमति के आधार पर ब्रिजपाल पुत्र सुखबीर को प्रधान घोषित कर दिया है। इसी प्रकार 13 ग्राम पंचायत सदस्य भी गांव की सरकार का हिस्सा बनाए गए हैं।
बता दें गांव में सभी जाति धर्म के लोगाें की आबादी है। सब एक जाति धर्म के लोगों ने आम सहमती के आधार पर गांव में प्रधान और सदस्यों को चुनकर नजीर पेश की है।
बता दें कि प्रथम चरण में अख्तियारपुर में प्रधान और सदस्यों के लिए पर्चे भरे थे। आम सहमती के बाद नाम वापस ले लिए गए।
1104 सदस्य चुने गए निर्विरोध
प्रथम चरण में ग्राम पंचायत के ऊंचागांव, स्याना, बीबीनगर, अगौता आदि ब्लॉकों के 2158 वार्डों में से 1104 वार्डों पर निर्विरोध सदस्य चुन लिए गए हैं।
ग्राम सभा के 621 वार्ड ऐसे हैं जिनपर किसी एक उम्मीदवार ने भी दावेदारी पेश नहीं की है।
डिप्टी निर्वाचन अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि 2158 वार्डों में से महज 433 वार्डों पर वोटर उम्मीदवारों की जीत हार का फैसला करेंगे।