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Bulandshahar News: वायु प्रदूषण से बिना सिगरेट पीए फेफड़ों तक पहुंच रहा धुआं

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नरसेना क्षेत्र के गांव करियारी में कूड़े के ढेर से उठता धुंआ। संवाद
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बुलंदशहर। जिले के लोग इन दिनों बिना सिगरेट पीए ही करीब पांच से छह सिगरेट के बराबर धुआं ग्रहण कर रहे हैं। वजह, वायु प्रदूषण। बुधवार को भी जिले में वायु प्रदूषण बेहद खराब की श्रेणी में रहा। बुलंदशहर का एक्यूआई 340 और खुर्जा का 378 मापा गया। प्रदूषण की रोकथाम के लिए आलाधिकारियों द्वारा किए गए सारे प्रयास विफल दिख रहे हैं। जिले में जगह-जगह कूड़ा जलता मिलता। गैप का तीसरा चरण लागू होने के बाद भी सख्ती नहीं बरती जा रही है।
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दिवाली के पूर्व से जिले का वायु प्रदूषण बढ़ने पर लोगों की परेशानी बढ़ रही है। अब पिछले पांच दिन से हालात और गंभीर बने हुए हैं। धुंध के चलते बच्चों से लेकर बड़ों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार जहरीली हवा फेफड़ों पर असर डालती है। इससे टीबी जैसी बीमारी होने का खतरा रहता है। मंगलवार को दिल्ली का एक्यूआई 400 के पार पहुंचने पर ग्रेप का तीसरा चरण लागू कर दिया गया लेकिन यह पूरी तरह से कागजी बना हुआ है।
नगर समेत जिलेभर में कहीं भी इन पाबंदियों का असर दिखाई नहीं दे रहा। बुधवार को भी बुलंदशहर-स्याना रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए मिट्टी की खोदाई का कार्य चलता रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को खुर्जा का 378 व बुलंदशहर का 340 एक्यूआई मापा गया। जिला क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत रस्तोगी ने बताया कि एक्यूआई 300 से अधिक लंबे समय तक रहने पर लोगों को सांस की बीमारी हो सकती है। साथ ही फेफड़ों पर भी असर पड़ता है। इन दिनों लोग बिना पिए ही पांच से छह सिगरेट जितना धुआं शरीर के अंदर ले रहे हैं। इससे बचाव नहीं किया तो क्षय रोग के लक्षण हो सकते हैं। इससे बचाव के लिए मास्क जरूर पहनें।
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विभाग की टीम और अन्य विभागों का सहयोग लेकर प्रदूषण को बढ़ावा देने वालों पर कार्रवाई निरंतर जारी है। पानी का छिड़काव भी बढ़ा दिया गया है। - विमल कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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