झाझर में चकबंदी का विरोध कर रहे किसानों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। इस दौरान आमरण अनशन बैठे एक किसान की हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
झाझर क्षेत्र में चल रही चकबंदी के विरोध में किसान नेता मनवीर तेवतिया समर्थकों के साथ धरने पर बैठे हैं।
वहीं तेवतिया सहित मास्टर ओम प्रकाश लोधी, चरण सिंह लोधी, हरीश चंद लोधी, प्रेम लोधी, महेशी देवी लोधी, अंजु लोधी, लक्ष्मी देवी लोधी तीन दिन से आमरण अनशन पर हैं। सोमवार को आमरण अनशन पर बैठे किसान हरीश चंद लोधी की हालत बिगड़ गई।
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मनवीर तेवतिया का आरोप है कि चकबंदी अधिकारी बाहरी लोगों से सांठगांठ कर उन्हें फायदा पहुंचा रहे है। उनकी मांग है कि चकबंदी में स्थानीय किसानों को वरीयता दी जाए। ग्राम समाज, पोखर, कस्टूडियन, विनोबाभव, की 28 सौ बीघा जमीन को भूमाफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया जाए।
चकबंदी के दौरान चकरोड़, नाली आदि को ग्राम समाज की जमीन से काटा जाए। इसके लिए किसान की जमीन में कटौती नहीं की जाए। इस दौरान प्रेमपाल, नौनीहाल, अफजाल, इंद्रपाल, इंद्र सिंह लोधी, पदम सिंह लोधी, लखन सिंह लोधी, अशफाक अहमद, शब्बीर अहमद, अल्ताफ, नफीस अहमद आदि मौजूद रहे।
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जिन भूमाफियाओं ने ग्राम समाज, पोखरों, कस्टूटियन, विनोबाभव की जमीन पर कब्जा कर रखा है। वहीं चकबंदी के विरोध में धरना दे रहे है।