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Bulandshahar News: चीनी के बाद अब प्याज के दामों में लगी आग, सलाद से सब्जियों तक बिगड़ा स्वाद

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सब्जी मंडी में रखा प्याज का ढेर। संवाद
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बुलंदशहर। आम लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं। चीनी के बाद अब प्याज के बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। प्याज की कीमतें एक सप्ताह में 10 से 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई हैं।
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फल-सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष के अनुसार, 2026-08-18 के आसपास प्याज का थोक भाव 2800 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल था। अब यह 3800 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। थोक बाजार में एक सप्ताह के भीतर 1000 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर फुटकर बाजार पर पड़ा है।
उपभोक्ताओं को प्याज के लिए पहले की तुलना में 10 से 15 रुपये प्रति किलो अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। प्याज व्यापारियों का कहना है कि जिले में नासिक और इंदौर से प्याज आती है। लगातार बारिश के कारण प्याज की आपूर्ति प्रभावित हुई है। गोदामों में रखा प्याज बारिश और नमी से खराब होकर सड़ गया।
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मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाली प्याज की उपलब्धता कम हो गई है। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने का असर सीधे कीमतों पर दिख रहा है। व्यापारियों ने प्याज के भाव में और इजाफा होने की संभावना जताई है। बढ़ती कीमतों ने लोगों को प्याज की खपत कम करने पर मजबूर कर दिया है।
दूसरी ओर, चीनी का फुटकर भाव 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। 2026-08-10 तक चीनी का भाव 45 रुपये प्रति किलो था। गृहिणियों मंजू, सपना, प्रियंका और कविता ने बताया कि सावन में रक्षाबंधन और भादों में जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर मिठाई व पकवान बनाना महंगा हो गया है।
चाय विक्रेता सुनील कुमार और सतीश ने बताया कि चीनी के दाम बढ़ने से 10 रुपये वाली चाय 15 रुपये और 15 रुपये कुल्हड़ वाली चाय 20 रुपये तक हो गई है। लोगों ने सरकार से चीनी और प्याज की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की मांग की है।
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