जिले की सातों विधानसभा सीटों पर वोटिंग प्रतिशत स्क्रूटनी के बाद 0.39 प्रतिशत बढ़ गया। स्क्रूटनी से पहले मतदान का ग्राफ 63.94 प्रतिशत था, जो स्क्रूटनी के बाद 64.33 परसेंट जा पहुंचा। सिकंदराबाद विधानसभा के वोटर्स ने रिकार्ड 67.20 प्रतिशत मतदान कर कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
जिला निर्वाचन अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने स्क्रूटनी से पूर्व बुलंदशहर में सर्वाधिक मतदान घोषित किया गया था। मगर स्क्रूटनी की अंतिम फीगर ने सिकंदराबाद के वोटर्स को सरताज बना दिया। बुलंदशहर में मतदान प्रतिशत 64.04 और सिकंदराबाद में 67 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले।
पिछले विधानसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार सिकंदराबाद में 6.43 फीसदी मतदान बढ़ा है। मतदान की बढ़ोत्तरी में दूसरे नंबर पर बुलंदशहर रहा जहां पिछले चुनाव के मुकाबले तीन प्रतिशत वोटिंग बढ़ी। यहां स्क्रूटनी से पहले 66 फीसदी मतदान रिकार्ड में था जो स्क्रूटनी के बाद 64.06 फीसदी रह गया।
फिर भी यह पिछले चुनाव के मुकाबले तीन फीसदी ज्यादा था। जिले में मतदान प्रतिशत के मामले में सिकंदराबाद के बाद खुर्जा रहा जहां 65.40 प्रतिशत मत डाले गए। यहां 2012 चुनाव के मुकाबले 1.10 फीसदी ज्यादा वोटिंग हुई। जिला निर्वाचन अधिकारी, आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि स्क्रूटनी कर ली गई हैं। अब जिले का मतदान 64.33 प्रतिशत पर पहुंच गया है।
सियासी पिच पर आधी आबादी ने दिखाया ‘दम’
विधानसभा चुनाव में इस बार महिला उम्मीदवारों का भले ही बोलबाला न रहा हो, लेकिन सियासत की पिच पर आधी आबादी ने नेताजी को वोट की ताकत का अहसास करा दिया। दरअसल विधानसभा की सातों सीटों पर 7.53 लाख महिलाओ ने ईवीएम का बटन दबाकर दम दिखाया।
सबसे अधिक सिकंदराबाद सीट पर 1.14 लाख महिलाओं ने वोट डालकर लोकतंत्र का महोत्सव के रूप में मनाया। सिकंदराबाद, बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर और खुर्जा विधानसभा सीट पर महिला मतदाताओं की संख्या 11.60 लाख है। इनमें से 11 फरवरी को 7 लाख 53 हजार 846 महिला मतदाताओं ने वोट डाले।
सिकंदराबाद में 1.14 लाख, बुलंदशहर में 1.13 लाख, स्याना में एक लाख आठ हजार, अनूपशहर में 1.07 लाख, शिकारपुर में सबसे कम 97 हजार 813 महिलाओं ने वोट की चोट की। खुर्जा में 1.09 लाख महिला मतदाता वोट के लिए बूथों तक पहुंची। विधानसभा चुनाव में 8.51 लाख पुरुष वोटर्स ने वोट डाले। 11 फरवरी तो 24.93 लाख मतदाताओं में से 16 लाख पांच हजार 145 वोटर ने वोट डाले।