बुलंदशहर। जनपद में मंगलवार को सभी बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ता अपने-अपने क्षेत्रों में एकत्रित हुए। जिला न्यायालय परिसर में भी सिविल और डिस्टि्रक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर अधिवक्ता एक्ट में होने वाले संशोधन का विरोध किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को प्रेषित किया।
डिस्टि्रक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मपाल शर्मा, महासचिव पवन कुमार निम और सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष यशपाल सिंह राघव और सचिव कपिल मोहन के नेतृत्व में मंगलवार को अधिवक्ता जिला न्यायालय परिसर में एकत्रित हुए।
उन्होंने अधिवक्ता एक्ट में संशोधन का विरोध करते हुए कहा कि अधिवक्ता व उनके परिवार के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट का प्रावधान किया जाए। सभी अधिवक्ताओं को दस लाख रुपये का मेडिक्लेम व किसी भी अधिवक्ता की मृत्यु होने पर दस लाख रुपये की धनराशि आश्रितों को बीमा राशि दी जाए। साथ ही मांग की है कि एडवोकेट संशोधन बिल 2025 को तुरंत वापस लिया जाए। अन्यथा अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सिकंदराबाद में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सिकंदराबाद। यूपी बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ता संशोधन अधिनियम- 2025 के खिलाफ तहसील बार एसोसिएशन की अध्यक्ष रेखा भाटी के नेतृत्व में अधिवक्ता तहसील व सब रजिस्ट्रार कार्यालय के कार्यों से विरत रहे और एसडीएम संतोष कुमार को ज्ञापन सौपा। रेखा भाटी ने बताया कि यह अधिनियम अधिवक्ताओं के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करता है। इस मौके पर विनोद गौड, जितेंद्र अधाना, जावेद राणा, नरेंद्र शर्मा, पवन भाटी, पंकज सक्सैना, चेतन, सलमान, देवेन्द्र, मोहनलाल गहलौत आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। संवाद
स्याना में
नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
स्याना। बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने तहसील कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया व राष्ट्रपति के नाम नायब तहसीलदार बालेश्वर शर्मा को ज्ञापन सौंदा। केंद्र सरकार से अधिवक्ता अधिनियम संशोधन बिल 2025 को अधिवक्ता विरोधी बताते हुए अविलंब वापस लेने की मांग की गई। इस दौरान बार एसोसिएशन सचिव अजीत सिरोही, नीरज रावल, नीरज गोयल, विजय लोधी, अरबाज खान, पंकज त्यागी व मनोज त्यागी आदि मौजूद रहे। संवाद