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चार दिन बाद भी हत्यारों का पुलिस नहीं लगा पाई सुराग

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चार दिन बाद भी हत्यारों का पुलिस नहीं लगा पाई सुराग
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खुर्जा। चार दिन बाद भी पुलिस अधिवक्ता के हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है। अभी तक इस मामले में पुलिस सिर्फ जांच की बात ही कर रही है। मृतक का मोबाइल हत्याकांड का राज खोल सकता है। लेकिन अभी तक पुलिस उसकी कॉल डिटेल तक नहीं निकाल पाई है। वहीं जल्द से जल्द हत्याकांड का खुलासा न होने के कारण परिजनों आर अधिवक्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है।
बीते 11 जून की रात अधिवक्ता सुमित कुमार गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका शव पंचवटी स्थित रजवाहे के पास मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने ही परिजनों को वारदात की जानकारी दी थी। मामले में मृतक के पिता एडवोकेट अशोक कुमार गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की थी। हत्याकांड को चार दिन बीत गए हैं, लेकिन पुलिस अभी तक अंधेरे में ही तीर चला रही है। जांच में कोतवाली पुलिस के साथ साथ स्वॉट टीम भी लगी हुई है। मृतक के पिता अशोक कुमार का कहना है कि उनके बेटे के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल से रहस्य का पर्दा उठ सकता है। लेकिन अभी तक पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल नहीं निकाल पाई है। कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। वह हत्याकांड के खुलासे के करीब पहुंच गए हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल निकलने के बाद काफी कुछ रहस्य से पर्दा उठ जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।
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बुधवार तक नहीं हुआ खुलासा तो होगा आंदोलन
खुर्जा। अधिवक्ता हत्याकांड का खुलासा न होने के कारण अधिवक्ताओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। तहसील बार एसोसिएशन के वकील कार्य से विरत रहे। साथ ही एसडीएम को घटना के राजफाश की मांग को लेकर पत्र सौंपा। अधिवक्ताओं का कहना है कि कल यानी बुधवार तक राजफाश नहीं हुआ तो आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
सोमवार को तहसील बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने कोई काम नहीं किया। उनका कहना है कि घटना को चार दिन का समय बीत जाने के बाद भी खुलाया नहीं हुआ। उन्होंने सामूहिक तौर पर निर्णय लेते हुए अल्टीमेटम दिया कि वह पुलिस को तीन दिन का समय दे रहे हैं। बुधवार तक वारदात का खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए अधिवक्ता बुधवार को बैठक करेंगे और आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस इस मामले में लापरवाही बरत रही है। अभी तक वह हत्यारों के संबंध में किसी भी तरह का कोई सुराग नहीं निकाल पाई है। काफी संख्या में अधिवक्ता तहसील पर एसडीएम कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को पत्र सौंपा। अजय गर्ग, वेद प्रकाश गिरि, राजेंद्र गुलाटी, प्रेमपाल सिंह, मनोज वर्मा, रोहित सिंघल, तेजवीर सिंह आदि रहे।
बोले अधिवक्ता
अधिवक्ताओं की सुरक्षा खतरे में हैं। राज्य सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग की है। ताकि वकीलों पर होने वाले हमलों पर रोक लग सके। - अभय प्रताप सिंह
अधिवक्ता की हत्या कायराना हमला है। ऐसे हत्यारों के खिलाफ कड़ी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन चार दिन बीत गए अभी तक पुलिस कोई इस मामले में सुराग नहीं लगा पाई। - नितीश सोलंकी
पुलिस अपने काम में तेजी लाए। तभी अधिवक्ता सुमित की हत्या का जल्द से जल्द खुलासा हो सकेगा। हत्याकांड ने पूरी तरह से झकझोर दिया है। पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द खुलासे की मांग करते हैं। - घनश्याम दास सक्सेना
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पुलिस सुमित के हत्यारों का पता लगाने में काफी देरी लगा रही है। अगर जल्द से जल्द वारदात का खुलासा नहीं किया गया तो आंदोलन तय है। इस मामले आक्रोश बढ़ता जा रहा है। - केपी गुप्ता
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