ककोड़ को सिकंदराबाद से अलग कर ब्लॉक बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शासन ने जिला प्रशासन से इस संबंध में पुन: रिपोर्ट मांगी है। ककोड़ को ब्लॉक बनाने की मांग काफी समय से चल रही है।
झाझर ककोड़ से सिकंदराबाद ब्लॉक की दूरी 20 किलोमीटर है। लंबी दूरी तय करने में ककोड़ क्षेत्र के लोगों का समय तो बर्बाद होता ही है साथ खर्च भी बढ़ जाता है।
इसी के मद्देनजर सिकंदराबाद की विधायक विमला सोलंकी विधानसभा में गत वर्ष यह मुद्दा उठाया था। शासन ने उस समय भी ककोड़ की आबादी और क्षेत्रफल के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।
जिला प्रशासन ने रिपोर्ट भेज भी दी थी। विधानसभा चुनाव नजदीक आ गए हैं। इसलिए ककोड़ को ब्लॉक बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
शासन ने जिला प्रशासन से पुन: ककोड़ के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। ककोड़ को ब्लॉक का दर्जा मिलने से स्थानीय लोगों को मामूली समस्याओं का समाधान करने के लिए सिकंदराबाद नहीं जाना पड़ेगा।
सिकंदराबाद तहसील के 70 गांव मिलेंगे
यदि जिले में ककोड़ को ब्लॉक बनाया जाता है तो सिकंदराबाद तहसील के 70 गांव चले जाएंगे। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक इन गांवों की जनसंख्या 50 से 60 हजार है।
अब तक तहसील में सिर्फ एक ही ब्लॉक सिकंदराबाद था। लेकिन यदि ककोड़ को नया ब्लॉक बनाया गया तो तहसील क्षेत्र में दो ब्लॉक हो जाएंगे।
नगर पंचायत की जमीन ब्लॉक दफ्तरों के लिए चिन्हित कर दी गई है। इसका विवरण भी शासन को भेजा जा चुका है। - कुंवर रिजवान, चेयरमैन ककोड़
शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। ब्लॉक के संबंध में निर्णय शासन स्तर से होना है। जिला प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी हैं। - विशाल सिंह, एडीएम प्रशासन