संवाद न्यूज एजेंसी
स्याना/बुगरासी। नगर के एक निजी अस्पताल में सोमवार को बुगरासी निवासी परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने महिला की समय से पूर्व डिलीवरी कर दी। इसके बाद हालत बिगड़ने पर समय से रेफर नहीं किया। इसके चलते महिला की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस और प्रशासन को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
बुगरासी के मोहल्ला मंदिर वाला निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पत्नी मीना गर्भवती होने पर नौ जून को रूटीन चेकअप के लिए स्याना लेकर गया। अल्ट्रासाउंड में डिलीवरी की तिथि 31 जुलाई दी। आरोप है कि निजी अस्पताल की चिकित्सक ने पत्नी के पेट में पल रहे बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए तत्काल ऑपरेशन कराने की बात कही। बच्चे की हालत गंभीर होने पर ऑपरेशन को राजी हो गए। नौ जून की शाम सात बजे पत्नी ने एक पुत्री को जन्म दिया। इसके बाद खून की कमी बताने पर व्यवस्था की गई। खून चढ़ाने के बाद पत्नी मीना को दौरे पड़ने शुरू हो गए।
बताया कि पत्नी की हालत गंभीर बताते हुए अस्पताल प्रशासन ने एक कर्मचारी को एंबुलेंस में साथ मेरठ भेजा। मेरठ में इलाज के नाम पर करीब दो लाख रुपये ले लिए और दो दिन बाद पत्नी की मौत हो गई। मेरठ के चिकित्सकों ने समय से पूर्व ऑपरेशन करने व गलत खून चढ़ाने के चलते हालत बिगड़ना बताया। तीन दिन से अस्पताल प्रशासन से उपचार संबंधी दस्तावेज की मांग करते आ रहे हैं। उपचार के दस्तावेज न देने पर सोमवार को पहुंचे तो अस्पताल प्रशासन और चिकित्सक मौके पर नहीं मिले। अस्पताल प्रशासन व स्टाफ के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
कोट
मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत पत्र मिलने पर मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - देवेंद्रपाल सिंह, एसडीएम स्याना
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अभी कोई शिकायत पत्र नहीं मिला है। परिजन शिकायत करते हैं तो मामले की जांचकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
अक्षित अग्रवाल/अजय गर्ग