बुलंदशहर के थाना खानपुर क्षेत्र में नवंबर 2022 में वारदात को अंजाम दिया गया था। एससी वर्ग के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 16 नवंबर को उनकी 14 वर्षीय बेटी को विक्रांत नाम का युवक बहला फुसलाकर ले गया था। उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। उन्हें जानकारी हुई तो आरोपी व उसके परिजनों से शिकायत की। इस पर आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए शिकायत करने पर हत्या की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी विक्रांत और उसके एक साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस की जांच में दूसरे युवक की नामजदगी गलत पाई गई। इसके बाद उसका नाम निकाल दिया गया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी विक्रांत की मां रजनी भी पीड़ितों को धमकी देने व दबाव बनाने में शामिल थी। इस पर पुलिस ने महिला का नाम जोड़ते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
अब एडीजे एवं अतिरिक्त न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम प्रथम मनोज कुमार सिंह तृतीय के न्यायालय दोनों पक्षों के गवाहों के बयान और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त विक्रांत और उसकी मां रजनी को दोषी करार दिया है। विक्रांत को दुष्कर्म-पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और 32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, रजनी को दो साल का कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है।