बुलंदशहर। बिल्डर और रियल एस्टेट कारोबारी से फर्जी दस्तावेज के आधार पर डराने-धमकाने और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने न केवल मृतक का कूटरचित मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया, बल्कि शिकायत वापस लेने के बदले भारी भरकम रकम की मांग की।
पुलिस के हीलाहवाली करने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद अब कोतवाली पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की है। सिविल लाइन निवासी नीरज बंसल ने बीते दिनों न्यायालय में दी याचिका में बताया था कि वह अनंता डेवलपर्स और दीप डेवलपर्स के माध्यम से आवासीय कॉलोनियों का निर्माण करते हैं। उन्होंने गांव वलीपुरा में अंजू सैनी नामक महिला से नियमानुसार जमीन खरीदी थी।
जमीन का दाखिल-खारिज और राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने की प्रक्रिया वर्षों पहले पूरी हो चुकी थी। पीड़ित का आरोप है कि अंजू सैनी के नंदोई अशोक सैनी और उसके साथी जितेंद्र कुमार सिंह की नजर उनके कारोबार पर थी।
आरोपियों ने पहले तो अंजू सैनी को मिलने वाली धनराशि में से उनकी सास के हिस्से के 20 लाख रुपये हड़प लिए और बाद में बिल्डर से अतिरिक्त 30 लाख रुपये की मांग करने लगे। आरोप है कि 14 जनवरी 2026 को जब नीरज बंसल तहसील सदर से अपने कार्य निपटाकर बाहर निकल रहे थे, तभी अशोक और जितेंद्र ने उन्हें रोक लिया।
आरोपियों ने एक मृत्यु प्रमाणपत्र दिखाते हुए दावा किया कि जमीन के पुराने मालिक की मृत्यु की तिथि गलत है और वे इसे आधार बनाकर कॉलोनी का काम रुकवा देंगे। जब पीड़ित ने प्रमाणपत्र को फर्जी बताया और पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी आगबबूला हो गए।
आरोप है कि जितेंद्र ने तमंचा निकालकर पीड़ित पर तान दिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। आरोपियों ने मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया और चिल्लाते हुए कहा चुपचाप 50 लाख रुपये घर पहुंचा देना, वरना जान से हाथ धोना पड़ेगा।
पीड़ित नीरज बंसल ने बताया कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद 112 नंबर पर सूचना दी और बाद में कोतवाली नगर व एसएसपी कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र दिया।
कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।