मिट्टी की ढांग गिरने से सात महिलाएं दबीं, एक की मौत
ऊंचागांव। चूल्हा पोतने के लिए मांडू गंगा घाट के निकट मिट्टी लेने गईं सात महिलाएं बुधवार सुबह ढांग गिरने से दब गईं। 50 मिनट की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला जा सका। तब तक एक महिला की सांसों की डोर कमजोर पड़ चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत हो गई।
गजरौला गांव निवासी भूली देवी, उर्मिला देवी, लज्जा देवी, उमेश और गांव शफीनगर निवासी पूनम देवी, कुनिया देवी, बालेश्वरी देवी सुबह करीब दस बजे मांडू गंगा घाट के निकट चूल्हा पोतने वाली मिट्टी लेने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ढांग की ऊंचाई करीब दस से 14 फुट थी। सातों महिलाएं ढांग के बिल्कुल नीचे मौजूद थीं। मिट्टी खोदते समय अचानक भरभराकर ढांग गिर गई और सभी महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया। महिलाएं खुद को बचाकर भागने लगीं तभी ढांग का एक अन्य हिस्सा भी ढह गया। भूली देवी पूरी तरह से नीचे दब गईं। छह महिलाओं का चेहरा बाहर था। सूचना पर थोड़ी देर में ही सीओ स्याना वंदना शर्मा, एसडीएम स्याना मधुमिता सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गईं। तब तक खेतों में काम कर रहे किसानों और ग्रामीणों ने मिट्टी हटानी शुरू कर दी थी। एक एक कर सभी को बाहर तो निकाल लिया गया। भूली देवी करीब 50 मिनट तक मिट्टी में दबीं रहीं। पुलिस ने सभी को उपचार के लिए सीएचसी पहुंचाया। एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि चिकित्सकों ने भूली देवी को मृत घोषित कर दिया। बाकी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
मची रही चीख पुकार
हादसे का मंजर देख हर कोई सिहर उठा। भूली देवी पूरी तरह से मिट्टी के ढेर में दब गई थीं। बाकी छह महिलाओं में से किसी का पैर, किसी का हाथ तो किसी का आधा शरीर बाहर निकला हुआ था। यह देख वहां चीख पुकार मच गई।
करीब दो घंटे चलाया गया सर्च अभियान
पुलिस प्रशासन ने करीब दो घंटे तक दुर्घटनास्थल पर सर्च अभियान चलाया। दरअसल, सातों महिलाओं को निकाले जाने के बाद किसी अन्य के दबे होने की आशंका पर प्रशासन जेसीबी बुलवा ली। गरीब दो घंटे तक सर्च अभियान चलता रहा, लेकिन कोई नहीं निकला। इस दौरा ग्रामीण अपने आस पड़ोस के लोगों की खैर खबर लेते नजर आए।
लगातार हो रहे हादसे
- एक साल पहले मवई गांव निवासी लक्ष्मी देवी की ढांग में दबने से मौत हो गई थी।
- दो साल पहले बुगरासी क्षेत्र में मां-बेटी की भी ढांग में दबने से हो गई थी मौत।
दिलाया जाएगा मुआवजा
मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच कराकर पीड़ित परिजनों को किसान दुर्घटना बीमा या फिर दैवीय आपदा के तहत मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
- विवेक मिश्र, एडीएम वित्त