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Bulandshahar News: कृषि विभाग की पांच हेक्टेयर जमीन पर बनाया जाएगा नया कलक्ट्रेट भवन

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जिला कलक्ट्रेट का मुख्य द्वार। संवाद
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बुलंदशहर। जनपद के मुख्य कलक्ट्रेट भवन का निर्माण पांच हेक्टेयर की कृषि भूमि पर कराया जाएगा। नया कलक्ट्रेट भवन जल्द ही शासन से स्वीकृति मिलने के बाद मेडिकल काॅलेज व तहसील परिसर के निकट बनाया जाएगा। कलक्ट्रेट भवन के लिए भूमि चिह्नित भी कर ली गई है।
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प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के साथ ही कलक्ट्रेट के नए भवन के निर्माण और शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि इसका कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
अंग्रेजों के जमाने में कलक्ट्रेट भवन का निर्माण कालाआम चौराहे के निकट हुआ था। समय के साथ ही कलक्ट्रेट भवन की स्थिति जर्जर होती गई। पुरानी बिल्डिंग में चल रहे अधिकांश कार्यालय कोविड के समय में बनाई गई नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो चुके हैं। शासन की ओर से कलक्ट्रेट भवन को शिफ्ट करने के निर्देश पूर्व में जारी किए गए थे, लेकिन नियमों के अनुसार जितनी भूमि कलक्ट्रेट भवन के लिए चाहिए उतनी भूमि जिला प्रशासन उपलब्ध नहीं करा पाया। जिसके चलते प्रशासन की ओर से इसी स्थान पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, अंडरग्राउंड पार्किंग का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था।
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यह प्रस्ताव स्वीकृत भी हो गया था और लगभग 40 करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो गया था, लेकिन बाद में प्रदेश के एक आला अधिकारी ने कलक्ट्रेट का निरीक्षण किया और नई बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव निरस्त हो गया। अब जिला प्रशासन ने सदर तहसील व मेडिकल काॅलेज के निकट कृषि विभाग की पांच हेक्टेयर भूमि कलक्ट्रेट भवन के लिए चिह्नित की है। साथ ही कलक्ट्रेट भवन को चिह्नित भूमि पर शिफ्ट करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही शासन की ओर से स्वीकृति मिलने की संभावना है।


1940 में बना था कलक्ट्रेट भवन

वर्ष 1940 में अंग्रेजों ने पहली बार कलक्ट्रेट परिसर में डीएम की तैनाती की थी। इस दौरान जेएल स्टब्स को जिले का डीएम बनाया गया था, जबकि आजादी के बाद 20 अगस्त 1947 को एम लाल जिले के डीएम बनाए गए थे। अब तक कुल 66 डीएम ने जिले में कार्य किया है। सभी डीएम ने इसी कलक्ट्रेट परिसर स्थित अपने कार्यालय में बैठकर सरकारी कार्य, लोगों की समस्याएं सुनीं। हालांकि, इस दौरान समय-समय पर सुंदरीकरण का कार्य किया जाता रहा है।

पुराने भवन को सहेजने की तैयारी
कलक्ट्रेट परिसर में बने अंग्रेजों के जमाने के भवन को ध्वस्त करने के बजाए इसे सहेजने की तैयारी की जा रही है। योजना के तहत इस भवन की मरम्मत कराने के बाद इसका रखरखाव कराया जाएगा। ताकि, ऐतिहासिक भवन को याद के तौर पर संजोया व संवारा जा सके।
पूर्व में अधिकारियों ने पुराने भवन के साथ सूचना विभाग, आबकारी विभाग, डूडा विभाग, एडीएम न्यायिक कार्यालय व एनआईसी को ध्वस्त करते हुए इनके स्थान पर पांच मंजिला इमारत तैयार करने की योजना बनाई थी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग मेरठ के भवन निर्माण विंग को कार्य का जिम्मा सौंपा गया था। साथ ही भवन को ध्वस्त करने के लिए बोली प्रक्रिया भी पूरी की गई थी।


Iकलक्ट्रेट भवन के लिए कृषि विभाग की भूमि चिह्नित की गई है। साथ ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - नवीन कुमार, एसडीएम सदरI
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