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महीनेभर और झेलिए गंदगी

Fri, 15 Jul 2016 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
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राजेबाबू पार्क में धरना प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी। - फोटो : ब्यूरो
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शासन का सफाई महाअभियान शुरू होने से पहले टल गया। कारण खराब मौसम रहा और जानकार मानते हैं कि बरसात में अभियान चलाने में दिक्कत आएगी। नई तारीख अभी निश्चित नहीं की गई है लेकिन माना जा रहा है कि बरसात बाद अभियान चलेगा। बहरहाल, काफी समय से सफाई न होने के कारण शहर में कूड़े के ढेर लगे हैं।
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उस पर बारिश से शहर का बुरा हाल कर दिया है। जिला मुख्यालय पर शनिवार से सफाई महाअभियान चलाया जाना था। इसमें बुलंदशहर नगर पालिका में तैनात 600 सफाईकर्मी और दूसरे निकायों से 250 कर्मियों को काम पर लगाए जाने की योजना थी।

16 जुलाई को नगर पालिका के सभी 32 वार्डों में एक साथ सफाई कार्य किया जाना था। नगर पालिका क्षेत्र को गली, मोहल्ला और कालोनी में बांटा गया था। 16 से 20 तक सफाई महाअभियान चलना था, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है।
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स्थगित होने का कारण खराब मौसम का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन नई तिथि निश्चित नहीं की गई है। फजीहत से बचने के लिए अफसर बुलंदशहर नगर पालिका कर्मियों  के भरोसे से महाअभियान की  जगह साधारण अभियान चला सकते हैं। जानकार मानते हैं कि बारिश में सफाई अभियान सफल होने की गुंजाइश कम है।

शहरों में सफाई व्यवस्था को लेकर करीब 453 शहरों के बीच किए गए सर्वे में बुलंदशहर को सबसे निचले पायदान पर रखा गया था। बुलंदशहर की रैंकिंग 452 रखी गई थी। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के अधीन एजेंसी द्वारा किए गए सर्वे ने बुलंदशहर की सफाई व्यवस्था की देशभर में पोल खोलकर रख दी थी। यह रैंकिंग बताने के लिए काफी है कि बुलंदशहर में सफाई की कैसी व्यवस्था है।

सफाई महाअभियान को अभी विभिन्न कारणों की वजह से स्थगित किया गया है। नई तारीख निश्चित होते ही सफाई महाअभियान का आगाज किया जाएगा। पालिका में तैनात कर्मियों से सफाई कार्य कराया जाएगा। - एके सिंह, ईओ, नगर पालिका

सफाईकर्मियों का कलक्ट्रेट में हल्लाबोल
न्यूनतम वेतन बढ़ाने, संविदा और ठेके के कर्मियों को स्थायित्व कराने समेत कई मांगों को लेकर शुक्रवार को सफाई कर्मियों ने कलक्ट्रेट पर हल्ला बोला। कर्मियों ने अफसरों पर उपेक्षापूर्ण रवैये का आरोप लगाकर जमकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा।

शुक्रवार को नगर पालिका के सफाई कर्मचारी माकपा के बैनर तले नगर के राजेबाबू पार्क में एकत्र हुए। माकपा सचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सफाईकर्मियों से शासन और प्रशासन द्वारा उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।

संघर्ष और आंदोलन से ही सफाईकर्मी इन हालातों से छुटकारा पा सकते हैं। सफाई कर्मचारियों की भर्ती पर 1992 से रोक लगी हुई है। नगर-कस्बों में आबादी के हिसाब से सफाईकर्मियों की संख्या काफी कम है।

 इसका असर सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है, जबकि दोष कर्मियों को दिया जाता है। कर्मियों के पास सफाई के उपकरण तक नहीं हैं। सभा के बाद कर्मचारी कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम की अनुपस्थिति में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

एसडीएम ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस मौके पर सुरेश चंद्र, शिव कुमार, वीरेद्र सिंह, गंगाप्रसाद, जितेंद्र मोहन, मनोज कुमार, प्रेम सिंह, बिजेंद्र, नानक, राजकुमार, विनोद, कैलाश, जयप्रकाश, संजय, बबलू आदि रहे।
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