बृहस्पतिवार दोपहर को अनूपशहर के एक गांव निवासी पीड़ित व्यक्ति अपनी नाबालिग पुत्री और अन्य परिजनों संग एसएसपी दफ्तर पहुंचे। जहां उन्होंने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि करीब सात माह पहले उनकी 14 वर्षीय पुत्री जंगल में बकरियां चराने गई थी। गांव के ही दूसरी बिरादरी के 50 वर्षीय व्यक्ति ने एक खेत से बकरियां निकालने के दौरान उनकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित पुत्री को घटना के बारे में किसी को कुछ बताने पर हत्या की धमकी दी गई।
इसके बाद आरोपी और उसके साथियों ने उनकी पुत्री के साथ डरा धमकाकर कई बार दुष्कर्म किया। इससे उनकी पुत्री गर्भवती हो गई। पुत्री का शारीरिक बदलाव देखकर परिजनों ने संदेह होने पर पूछताछ की तो पुत्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्हें दी है। उनकी पुत्री अब करीब सात माह की गर्भवती है। पीड़ित पिता ने बताया कि 28 अप्रैल को उन्होंने अनूपशहर कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। थाना पुलिस ने जांच की बात कहते हुए तहरीर अपने पास लेकर रख ली।
इसके बाद उसी शाम को आरोपी व्यक्ति को थाने बुलाकर रात भर रखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि कोतवाली पुलिस ने ग्राम प्रधान पति और कुछ अन्य लोगों को बुलाकर एक शपथ पत्र बनवाकर उन पर उनके हस्ताक्षर करते हुए अपने पास रख लिए और उन्हें वहां से भगा दिया। पीड़ित में मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गुहार लगाई है। जिस पर एसएसपी ने थाना पुलिस को मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आरोप है कि जबरन पुलिस और अन्य लोगों ने बनवा लिया शपथपत्र
पीड़िता के पिता का कहना है कि वह इस मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कराना चाहते थे। लेकिन पुलिस और कुछ गणमान्य लोगों ने दबाव बनाकर उनसे एक शपथ पत्र बनवा लिया है।