खुर्जा जंक्शन। बापूनगर कालोनी में संपत्ति से बेदखल करने की धमकी राधेश्याम के लिए काल बन गई। पुलिस की मानें तो यदि नया दुकानदार यह नहीं कहता कि तू कौन है, मैंने तेरे पिता से दुकान खरीदी है तो शायद अरविंद अपना आपा नहीं खोता और बेटे के हाथ पिता का कत्ल नही होता।
सौंदा हबीबपुर निवासी राधेश्याम तीस बीघा जमीन का मालिक था। उसके तीन बेटे हैं। बड़े बेटे अरविंद की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरा बेटा सुनील को पुलिस ने आपराधिक प्रवृति का बताया है, जबकि सबसे छोटा रवि खेती में हाथ बंटाता है। अरविंद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने पिता से जब भी भूमि बंटवारे की बात कही उसे हमेशा संपत्ति से बेदखल करने की धमकी देकर शांत करा दिया। शादी के बाद वह पिता के जंक्शन स्थित बापूनगर कालोनी के मकान में पत्नी प्रेमलता संग रहता था और मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहा था। उसने कई बार पिता से एक दुकान देने कहा, लेकिन हर बार मकान से बाहर निकालने की दुत्कार मिली। आरोप है कि बृहस्पतिवार शाम जब वह घर पर पहुंचा तो दुकान में नया किराएदार देखा। अरविंद ने बताया कि जब उसने दुकानदार से पूछा तो उसने दुकान खरीदने की कही। इसी दौरान राधेश्याम पहुंच गये। दोनों में विवाद बढ़ने पर उसने उनकी हत्या कर दी। पुलिस हिरासत में अरविंद ने कहा कि उसे कत्ल का कोई अफसोस नहीं है। पिता हमेशा संपत्ति मंागने पर बेदखल करने की धमकी देते थे तो हमने उन्हें ही दुनियां से बेदखल कर दिया।
पत्नी प्रेमलता को बताया बेकसूर
पिता की हत्या की कहानी बयां करते हुए पुलिस हिरासत में आरोपी अरविंद ने कहा कि उसकी पत्नी प्रेमलता बेकसूर है। आरोपी का दावा है कि उसने पिता को कमरे में खींचते वक्त बचाने की कोशिश की थी। उसने हत्या से पूर्व पत्नी प्रेमलता को धक्का देकर कमरे से बाहर कर दिया था।