बुलंदशहर। किंगफिशर एयरलाइंस के चेयरमैन/मैनेजिंग डायरेक्टर विजय माल्या के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में दर्ज आपराधिक परिवाद की सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार को माल्या या उनके वकील पेश नहीं हुए। न्यायालय ने अब पुलिस कमिश्नर बंगलूरू को निर्देश दिए हैं कि वह माल्या और उनकी कंपनी के सीईओ संजय अग्रवाल को समन तामील कराकर सूचित करें और दोनों को 31 अक्तूबर को बुलंदशहर न्यायालय में हाजिर होने को कहें।
बता दें कि एसीजेएम प्रथम उमाकांत जिंदल की अदालत में छह सितंबर को बुलंदशहर निवासी आकाश शर्मा ने परिवाद डाला था, जिसमें कहा था कि फरवरी 2006 में उन्होंने डेक्कन एविएशन कंपनी में बतौर को-पायलट नौकरी शुरू की थी। बाद में डेक्कन एविएशन को किंगफिशर एयरलाइंस ने टेकओवर कर लिया। अक्तूबर 2012 में किंगफिशर की उड़ान पर रोक लगने के बाद से उनका काटा गया टीडीएस, वेतन और फंड आदि का 28 लाख 47 हजार 936 का भुगतान नहीं किया गया। एसीजेएम प्रथम की अदालत ने छह सितंबर को आकाश शर्मा और उनके अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा की दलील और सबूत पर दर्ज आपराधिक वाद धारा 406/420 पर छह अक्तूबर को माल्या और संजय अग्रवाल को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए थे। छह अक्तूबर को बकरीद का अवकाश होने के कारण नौ अक्तूबर की तिथि लगा दी गई थी। बृहस्पतिवार नौ अक्तूबर को भी माल्या की तरफ से कोई भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ।
एसीजेएम न्यायालय ने माल्या और संजय के खिलाफ जारी समन को तामील कराने की जिम्मेदारी पुलिस कमिश्नर बंगलूरू को सौंपी है। कहा है कि 31 तक समन तामील कराकर सूचित करें और दोनों आरोपियों को पेश होने को कहें। - राजेंद्र प्रसाद शर्मा, अधिवक्ता आकाश शर्मा