बुलंदशहर। 19 वर्ष बाद जनपद के 102 राजस्व गांव ग्राम पंचायत बनेंगे। बुलंदशहर के 7 तहसील क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों की संख्या 879 थी, जो बढ़कर अब 991 हो जाएंगी। ग्राम पंचायतों का गठन होने से स्वतंत्र रूप से ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों को चुनने का रास्ता साफ होगा। फिलहाल, अपना प्रधान और पंचायत सदस्य नहीं होने से ये राजस्व गांव विकास की परिधि से बाहर थे। बता दें कि एक हजार से अधिक आबादी वाले राजस्व गांवों को ही ग्राम पंचायत बनाया जाएगा।
दरअसल, जिला पंचायत राज विभाग में 102 राजस्व गांवों को ग्राम पंचायत बनाने के लिए ग्रामीणों ने प्रस्ताव भेजे हैं। जिनपर मंथन चल रहा है। सभी प्रस्तावों को शासन के पास भेजने की तैयारी विभाग कर रहा है।
ये बनेंगे ग्राम पंचायत
बुलंदशहर के आमानपुर किरयावली, खुर्जा के मांचीपुर शानपुर, पहासू के मदनपुर मुबारकपुर, सिकंदराबाद के नगला काला, मंजूपुर, गुलावठी के कादिरपुर, नूरपुर, भटौला, लाडलाबास, खुर्रमपुर, हुसैनपुर, सैदपुर युनूसपुर, तिमारपुर, दरौली, रूड बांगर, मुबारकपुर, बांगरपुर और अगौता का खेड़ी गांव समेत 102 राजस्व गांवों को ग्राम पंचायत बनाया जाएगा।
कोट्स
पुनर्गठन कार्यक्रम के तहत 102 गांवों के लोगों ने प्रस्ताव दिए हैं। अगले माह तक ग्राम पंचायतों पर फैसला लिया जाएगा। - परवेज आलम, डीपीआरओ