रबूपुरा (सिकंदराबाद/। रबूपुरा में शनिवार रात हुई कथित डॉक्टर मनोज कुमार की हत्या के विरोध में रबूपुरा के ग्रामीणों ने रविवार को जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने यमुना एक्सप्रेसवे पर मनोज का शव रखकर जाम लगा दिया। करीब साढ़े तीन घंटे तक ग्रामीणों का विरोध चलता रहा, बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर जाम खोला गया। उधर, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मनोज कुमार पुत्र श्यौराज सिंह रबूपुरा कोतवाली के रौनीजा में रहता था। ग्रामीणों का कहना है कि वह पड़ोस के गांव रुस्तमपुर में डॉक्टरी की प्रैक्टिस करता था। हालांकि, पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं की है। शनिवार देर रात वह अपनी क्लीनिक से वापस लौट रहा था। इसी दौरान रुस्तमपुर सर्विस रोड पर पहले से मौजूद दो बाइक सवार चार लोगों ने मनोज की बाइक को धक्का देकर गिरा दिया। मनोज कुछ समझ पाता बाइक सवारों ने मनोज पर चाकुओं से हमला बोल दिया। घायल मनोज की चीख पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और भाग रहे तीन बदमाशों को दबोच लिया, जबकि एक फरार हो गया। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल मनोज को नोएडा स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सक की मौत हो गई। शनिवार रात को ही पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान हरियाणा के पलवल के धनतरी निवासी मुकेश, धीरी सिंह और महावीर के रूप में की है। उनके फरार साथी हरेंद्र की तलाश की जा रही है, वह भी उसी गांव का रहने वाला है। उधर, थाना पुलिस द्वारा लूट के चलते हत्या का मामला बताने पर ग्रामीण और मृतक के परिजन भड़क गए। गुस्साए लोगों ने रविवार सुबह 6.30 बजे रौनीजा गांव के पास यमुना एक्सप्रेस वे पर शव रखकर जाम लगा दिया। जाम हटाने पहुंची पुलिस को देखकर ग्रामीणों ने पथराव करना शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस के आला अफसर भी पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना था कि लूट के चलते नहीं बल्कि जानबूझकर मनोज की हत्या की गई है। अगर लूट के इरादे से वारदात को अंजाम दिया जाता तो मृतक के पास रखे सवा लाख रुपये और अन्य सामान गायब होते। एसएसपी ने गांव के चार लोगों को आरोपियों से बातचीत के लिए भेजा। चार घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
कोट्स
ग्रामीणों के बातचीत के आधार पर सामने आया है कि सभी आरोपी करीब तीन-चार माह पहले रौनीजा गांव में एक बारात में आए थे। जिसमें आरोपियों और मनोज के बीच मारपीट हो गई थी। ग्रामीणों ने बताया है कि आरोपियों को करीब एक सप्ताह से रबूपुरा और आसपास देखा गया था। जिससे इस घटना को आपसी रंजिश का भी नतीजा कहा जा सकता है। पुलिस अपनी ओर से लूट के प्रयास और रंजिशन हत्या दोनों की थ्योरी लेकर जांच कर रही है। डॉ. प्रितिंदर सिंह, एसएसपी
ग्रामीणों के साथ पुलिस की हुई झड़प
यमुना एक्सप्रेस वे पर जाम हटाने के लिए पहुंची पुलिस और उत्तेजित ग्रामीणों के बीच जमकर झड़पें भी हुईं। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी, चौकी पुलिस को सस्पेंड करने आदि की मांग करते रहे। भाजपा नेता ठाकुर हरीश सिंह, ठाकुर धीरेंद्र सिंह आदि ने पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया। उधर, जाम से एक्सप्रेसवे पर वाहनों की कतारें लग गईं।