जहांगीरपुर। धनसिया गांव में एक घर के अंदर निर्माणाधीन शौचालय के सेप्टिक टैंक में डूबकर मंगलवार दोपहर तीन सगी बहनों की मौत हो गई। तीनों के 11 वर्षीय भाई ने जब सबसे छोटी बहन का शव सेप्टिक टैंक में तैरते देखा तब हादसे का पता चला। आननफानन में परिजन तीनों बच्चियों को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
धनसिया गांव निवासी राकेश शर्मा के घर में शौचालय का सेप्टिक टैंक बन रहा है। राकेश के भाई कृपाल शर्मा ने बताया कि मंगलवार दोपहर घर के सभी लोग खेत पर गए थे और बच्चे घर में अकेले थे। दोपहर दो बजे राकेश का बेटा देवदत्त (11) जब टॉयलेट करने गया तो उसने छोटी बहन साक्षी (डेढ़ वर्ष) का शव सेप्टिक टैंक में तैरते देखा। शव देखकर वह चिल्लाने लगा।
शोर सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने टैंक से साक्षी का शव निकाला तो उसमें चंचल (साढ़े तीन वर्ष) और प्राची (सात वर्ष) के शव भी मिले। परिजन उनके जिंदा होने की उम्मीद के साथ जहांगीरपुर के निजी चिकित्सक के पास पहुंचे, जहां तीनों को मृत घोषित कर दिया गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सेप्टिक टैंक खुला छोड़ गए थे परिजन
खुर्जा। धनसिया गांव में तीन मासूम बहनों की जान उनके घर वालों की लापरवाही ने ले ली। परिजनों ने मंगलवार सुबह खेत पर जाने से पहले पानी से भरे टैंक का ढक्कन बंद नहीं किया। साथ ही घर पर खुला गड्ढा होने के बाद भी बच्चों के साथ कोई बड़ा नहीं था। दोपहर में खेलते समय टैंक में डूबकर तीनों बहनों की मौत हो गई। परिजनों की लापरवाही रही कि मासूम बच्चे घर में अकेले छोड़कर सेप्टिक टैंक का ढक्कन बंद नहीं किया। आशंका है कि परिजनों के जाने के बाद बच्चे खेलते हुए पानी से भरे टैंक के पास पहुंच गए होंगे और गिर गए होंगे। राकेश शर्मा के बेटे देवदत्त ने बताया कि वह दोपहर में बाहर से खेलकर घर लौटा तो टॉयलेट गया था। उसकी नजर टैंक में पड़ी तो उसकी सबसे छोटी बहन साक्षी का शव तैर रहा था। पड़ोसी साक्षी को निकालने के लिए टैंक में उतरे तो वहां चंचल और प्राची का शव भी मिला। देवदत्त की माने तो पिता ने सोमवार शाम टैंक लीकेज चेक करने के लिए उसमें पानी भरा था।
बंबे में गिरकर बच्ची की मौत
चोला। चौकी क्षेत्र के गांव लहसनपुर लढ़ूकी में घर के पीछे गुजर रहे बंबे में गिरकर चार वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, सुनीता (4) पुत्री ब्रगभान के घर के पीछे बंबा है। बंबे के ऊपर सीमेंट के बने दो खंभे पड़े हुए हैं। ब्रगभान ने बताया कि मंगलवार दोपहर सुनीता बंबा पार कर रही थी। तभी उसकी फ्राक कांटे में फंस गई और संतुलन बिगड़ने से वह बंबे में गिर गई। करीब एक घंटे बाद जब परिजनों ने सुनीता की तलाश की तो बंबे में उसकी लाश तैरती मिली।