बुलंदशहर। सरकारी मशीनरी जिले में 22 दिन में 101 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू नहीं कर पाई है। 60 केंद्रों पर महज 924 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हुई है। खरीद के आंकड़े से गेहूं खरीद को लेकर साहब की संजीदगी का पता लगाना आसान है।
जिले में 1.29 लाख एमटी गेहूं 161 क्रय केंद्रों पर खरीदा जाना है। एक अप्रैल से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू करने का आदेश था। 22 अप्रैल तक महज 60 क्रय केंद्रों पर 924 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है। पीसीएफ ने 70 फीसदी से अधिक क्रय केंद्रों पर कब्जा कर गेहूं खरीद महज 33 फीसदी की है। एफसीआई ने तो अपना क्रय केंद्र ही नहीं खोला है। शहर की मंडियों में लगाए गए केंद्रों पर भी गेहूं खरीद ठप है। इसलिए बिचौलियों से साठगांठ का आरोप भी सही साबित हो रहा है। बिचौलियों और आढ़तियों की मदद से सस्ती दर पर गेहूं खरीदवाया जा रहा है। पीसीएफ ने 314 एमटी अनाज खरीदा है। सबसे अधिक 161 में 108 क्रय केंद्र पीसीएफ के ही पास हैं। ऐसे में किसान बिचौलियों के हाथ सस्ती दर पर गेहूं बेचने के लिए मजबूर हैं।
कोट्स
अब तक 101 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू नहीं हो पाई है। खरीद में पिछड़ी संस्थाओं को नोटिस जारी किया जाएगा। अभी 60 क्रय केंद्रों पर 924 एमटी गेहूं खरीदा गया है।
आरके सिंह, एडीएम वित्त/राजस्व