खुर्जा। मूड़ाखेड़ा में बृहस्पतिवार को कब्रिस्तान के करबला में सफाई के दौरान दो पक्षों के बीच पथराव के बाद शुक्रवार को शांतिपूर्ण तनाव बरकरार रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शुक्रवार को संगीनों के साये में ताजिये निकालने के बाद उसी विवादित करबला में दफनाए गए। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
मूड़ाखेड़ा में ग्राम समाज की भूमि के बगल में करबला भूमि पर सफाई के दौरान बृहस्पतिवार को दो पक्षों के बीच पथराव होने से तनाव हो गया था। पुलिस ने प्लास्टिक बुलेट से फायरिंग के अलावा लाठियां फटकार कर उपद्रवियों को खदेड़ा था। मामले में छह नामजद और 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ कांस्टेबल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। शुक्रवार को मूड़ाखेड़ा में एसडीएम पुष्प राज सिंह, एसपी देहात विजय गौतम, सीओ शैलेंद्र सक्सेना के साथ भारी पुलिस बल और संगीनों के साये में ताजिये निकालने के बाद विवादित करबला में दफना दिए गए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बाद भी बृहस्पतिवार को हुए पथराव के कारण शुक्रवार को मूड़ाखेड़ा में शांतिपूर्ण तनाव बरकरार रहा। पुलिस ने पथराव और बवाल में नामजद छह में से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। चार आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
बेकसूरों को पकड़ने का आरोप लगाया
मूड़ाखेड़ा के पूर्व ग्राम प्रधान ने बृहस्पतिवार को हुए पथराव के बाद बेकसूरों को पकड़ने और प्रशासन पर परंपरा के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत की भूमि पर एक पक्ष जबरन जेसीबी चलवाकर कब्जा करना चाहता है और प्रशासन उसी विवादित जमीन पर ताजिये दफना कर विवाद को हवा दे रहा है। पूर्व ग्राम प्रधान अमर सिंह ने विवाद नहीं सुलझने के कारण जान का खतरा बताते हुए किसी दिन बड़ी घटना होने की आशंका जताई है। पीड़ित ने मंडलायुक्त, डीएम, आईजी को शिकायती पत्र भेजा है।