बुलंदशहर। तय समयावधि से पहले जिले में अधिकतर क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है। सरकारी मशीनरी का ये आलम तब है जब जिले में टारगेट के सापेक्ष 13 प्रतिशत गेहूं की खरीद की गई है।
शासन ने बुलंदशहर जिला प्रशासन को इस बार 1.72 लाख मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया था। एक अप्रैल को जिलेभर में गेहूं खरीद के लिए करीब 166 क्रय केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर 30 जून तक गेहूं खरीदा जाना था। इसके बावजूद बुलंदशहर, सिकंदराबाद, खुर्जा, अरनिया, पहासू, शिकारपुर, गुलावठी, जहांगीराबाद, अनपूशहर, स्याना, बीबीनगर, ककोड़, खानपुर आदि में केंद्रों को बंद कर दिया। इससे किसान बिचौलियों के माध्यम से गेहूं बेचने को मजबूर हैं। लापरवाही का आलम तब है जब लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक सिर्फ 22.72 लाख एमटी गेहूं की खरीद की गई है। बताया गया है कि इस बार अनाज मंडियों में गेहूं के दाम समर्थन मूल्य से अधिक रहे। इस कारण क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं पहुंच सका।