बुलंदशहर। जहांगीराबाद क्षेत्र के एक गांव में आजमगढ़ की युवती को तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। उससे जबरन एक युवक की शादी कराने की कोशिश भी की गई। युवती की सजगता से पुलिस मौके पर पहुंची और शादी को रुकवा दिया गया। हालांकि, पुलिस ने बंधक बनाने के आरोप को निराधार बताया है। पुलिस का कहना है कि दूल्हे के शराबी होने के कारण युवती ने विवाह से इंकार किया है। बताया गया है कि गांव की एक महिला ने आजमगढ़ निवासी युवती का रिश्ता गांव के ही एक युवक से कराया था। युवती के परिवार वाले बेहद गरीब थे। विवाह पर सारा खर्च युवक के परिवार वालों ने किया था। युवती को लेकर उसकी मां 28 अप्रैल को गांव आ गई और मंगलवार को गांव में विवाह की तैयारियां शुरू हो गईं। इसी दौरान युवती ने किसी बात को लेकर विवाह करने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद युवक के परिवार वाले विवाह कराने पर अड़े रहे और तैयारियां करते रहे। युवती ने किसी तरह पुलिस को फोन कर बंधक बनाकर विवाह करने की जानकारी दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और फेरे से पूर्व ही विवाह को रुकवा दिया। पुलिस युवक और उसके परिवार वालों को कोतवाली ले आई और पूछताछ करने लगी। पुलिस ने युवती और उसकी मां को आजमगढ़ भेज दिया। एसओ हरे राम यादव का कहना है कि बंधक बनाकर विवाह कराने का आरोप निराधार है। दूल्हे के शराब पीने की जानकारी होने पर युवती ने विवाह से इंकार किया था। इसके अलावा युवती यादव थी और युवक जाट था। इस बात को लेकर भी युवती की मां संतुष्ट नहीं थी।