डिबाई। पावर कारपोरेशन के करीब तीन करोड़ की लागत वाले 66/11 केवीए के बिजलीघर पर नरौरा परमाणु केंद्र ने कब्जा जमा रखा है। इसी वजह से डिबाई और आसपास के क्षेत्रों में बिजली की किल्लत बनी रहती है। अब एक्सईएन हर्ष मुंशी, क्षेत्रीय सपा विधायक गुड्डू पंडित और एडीएम ने प्रदेश सरकार से बिजलीघर का सामान दिलाने की मांग की है। कहा जा रहा है कि बिजलीघर का सामान मिलने से नए दो बिजलीघर बिना लागत के चलने लगेंगे और क्षेत्र में बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। कई बार सामान मांगने के बावजूद नहीं मिला। इसको लेकर एक्सईएन और क्षेत्रीय विधायक ने प्रदेश सरकार से इसे मुक्त कराने की मांग की है। एक्सईएन हर्ष मुंशी ने बताया कि संयंत्र के स्थापना काल के समय पावर कारपोरेशन द्वारा केंद्र के भीतर करीब 2500 वर्ग मीटर भूमि में बनाया गया यह बिजली घर 1999 तक चालू था। 2009 में डिबाई में विभाग के वितरण खंड की स्थापना के बाद इसकी जानकारी हुई। इसमें एक बड़े हाल के साथ तीन अतिरिक्त कमरे बने हैं। अन्य दो नियंत्रण कक्षों में 11 केवीए की 13 ओसीबी लगी है। इसमें तीन एमबीए का एक तथा पांच एमबीए के दो ट्रांसफार्मर और 25 केवीए के 11, 4 केवीए का एक स्टेशन ट्रांसफार्मर, बड़ी मात्रा में 11 केवीए की के बल आदि अन्य उपयोगी और बेशकीमती सामान भी मौजूद हैं। एक्सईएन ने कहा कि इस संबंध में लिखित आख्या जनवरी 2013 में सरकार तथा विभाग के उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत कर चुके हैं। एनएपीएस के डीजीएम अजय कुमार ने कहा कि विद्युत निगम के किसी अधिकारी ने इस संबंध में अभी तक कोई पत्राचार नहीं किया। संयंत्र के प्रबंधक पीएस तोमर ने कहा कि संयंत्र का सभी सामान सुरक्षित है।
क्या कहते हैं विधायक
मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संज्ञान में लाकर नरौरा बिजली घर से शीघ्र बिजली का सामान वापस लिया जाएगा। मैटीरियल एनएपीएस से मिल जाए तो बिना अतिरिक्त धनराशि के पूरा क्षेत्र बिजली से चमक जाएगा। वोल्टेज में उतार चढ़ाव तथा ब्रेक डाउन की समस्या भी हल हो जाएगी।
गुड्डू पंडित, सपा विधायक, डिबाई