औरंगाबाद। बुलंदशहर में बिगड़ी सरकारी स्वास्थ्य सेवा सुधरने का नाम नहीं ले रही है। यह हालत तब है जब सीएमओ आए दिन सीएचसी-पीएचसी का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवा दुरुस्त होने का दावा करते हैं। शुक्रवार को लखावटी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला की मोमबत्ती की रोशनी में डिलीवरी और उपचार किया गया। जनरेटर होते हुए भी नहीं चलाया। केंद्र प्रभारी जनरेटर खराब होने की बात कह रहे हैं।
औरंगाबाद क्षेत्र के गांव रजवाना निवासी राजकुमार शर्मा अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी की डिलीवरी कराने के लिए शुक्रवार रात 8 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी पहुंचे। अस्पताल परिसर में जनरेटर की सुविधा के बावजूद अंधेरा पसरा था। डॉक्टर को कमरे से बुलाकर जच्चा लक्ष्मीदेवी को भर्ती कराया। जिस कमरे में डिलीवरी की गई उसमें लाइट की व्यवस्था नहीं थी। राजकुमार का आरोप है कि डॉक्टरों ने उससे मोमबत्ती लाकर कमरे में रोशनी करने को कहा। इसके बाद राजकुमार ने मोमबत्ती से कमरे में रोशनी की और उसी रोशनी में डिलीवरी की गई। राजकुमार ने बताया कि जिस समय वह डॉक्टरों को बुलाने के लिए अस्पताल परिसर के अंदर बने कमरे पर पहुंचे तो वहां पर बिजली की व्यवस्था थी। जबकि जच्चा के कमरे में लाइट की कोई व्यवस्था नहीं थी। वहीं गांव सूरजपुर टीकरी निवासी अजब सिंह की पत्नी मोनिका का इलाज मोमबत्ती की रोशनी में हो रहा था।
केंद्र प्रभारी की सुनिए
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी के प्रभारी सुनील गिरि का कहना है कि जनरेटर कई साल पुराना है और खराब है। मिस्त्री को बुलाकर ठीक कराया जा रहा है। इमरजेंसी लाइट डाउन होने से बंद पड़ी हुई थी।
सीएमओ बोले
सीएमओ दीपक ओहरी का कहना है कि मोमबत्ती की रोशनी में डिलीवरी और जच्चा का इलाज करने का मामला संज्ञान में नहीं है। सीएचसी प्रभारी से घटना का पता लगाया जा रहा है। मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।