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बेकाबू बुखार, पांच मौतों से हाहाकार

Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
Bulandshahr
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खुर्जा/बुगरासी/औरंगाबाद/ गुलावठी। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। तीन महीन के अंदर बुखार से मरने वालों की संख्या करीब 50 पहुंच गई है। रविवार को खुर्जा के बौरोली में किशोरी और जमालपुर में मासूम की मौत हो गई। वहीं बुगरासी के गांव घुंघरावली में एक वृद्ध ने दम तोड़ दिया। औरंगाबाद में भी एक अधेड़ की जान चली गई। देर शाम गुलवाठी में एक युवक ने बुखार से मौत हो गई। लोगों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ गुस्सा है। उनका आरोप है कि बुखार पीड़ितों को सही समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा। उन्हें मजबूर होकर झोलाछाप से इलाज कराना पड़ा रहा है।
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खुर्जा के बौरोली निवासी रतन प्रकाश की पुत्री प्रीति (23) को पांच दिन से बुखार आ रहा था। रविवार को अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव में चतर सिंह, जितेंद्र, अरविंद, आदित्य, अंशुल, गोलू, दुलारी समेत दर्जन भर लोग बुखार से कराह रहे हैं। खुर्जा के ही जमालपुर में बुखार से सिमरन(03) की मौत हो गई। उधर, बुगरासी क्षेत्र के ग्राम घुंघरावली में बुखार के कारण 75 वर्षीय वृद्ध शिक्षक धर्म सिंह की मौत हो गई। वह एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। औरंगाबाद क्षेत्र के गांव पवसरा निवासी सुखपाल 50 वर्षीय की बुखार से जिला अस्पताल में मौत हो गई। इसके अलावा गुलावठी के गांव कैथाला में 18 वर्षीय इरफान की बुखार से जान चली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बुखार पीड़ितों को सही समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।

सीएमओ बोले
सीएमओ डा. दीपक ओहरी का कहना है कि जिले की आबादी के हिसाब से होने वाली मौतों को असामान्य नहीं कहा जा सकता। मौसम बदलने के कारण लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग बुखार की रोकथाम के लिए गांव-गांव अभियान चला रहा है। गांव में कैंप लगाकर मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं। अस्पताल में मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है। लोगों को भी सचेत रहने की सलाह दी जा रही है।
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