बुलंदशहर। महंगाई बढ़ी तो अब स्वच्छता अभियान के तहत बनने वाले टॉयलेट्स की कीमत भी बढ़ गई। सरकारी मदद से बनने वाले टॉयलेट्स पर 4940 रुपये की बजाय 10 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने पंचायत राज विभाग की बैठक में स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लाभार्थियों का चयन करने के निर्देश दिए हैं।
विगत वित्तीय वर्ष तक बीपीएल श्रेणी के लाभार्थी को शौचालय निर्माण के लिए 4500 रुपये और एपीएल श्रेणी को 1500 रुपये अनुदान दिया जाता था। शौचालय निर्माण की लागत 4940 रुपये रखी गई थी, लेकिन अब शासन ने बीपीएल परिवारों के साथ एपीएल परिवारों को भी लाभ देने की योजना तैयार की है। शासन ने एपीएल परिवार के अनुसूचित जाति, जनजाति, लघु, सीमांत किसान, भूमिहीन, खेतीहर मजदूर, विकलांग व्यक्ति या महिला मुखिया वाले परिवारों के घरों में 10 हजार रुपये खर्च कर शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। इसमें 3200 रुपये केंद्रांश, 1400 रुपये राज्यांश, 900 रुपये लाभार्थी अंश और 4500 रुपये मजदूरी मनरेगा से दी जाएगी। विकास भवन सभागार में आयोजित स्वच्छता अभियान की बैठक में सीडीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शासन की नई योजना के लिए विकास खंड स्तर पर लाभार्थियों के सर्वे का काम शुरू कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि सबसे पहले यह कार्य राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना में चयनित गांवों में कराया जाएगा। बैठक में डीपीआरओ बीबी सिंह ने सॉलिड-लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हैंडपंप से निकलने वाले वेस्ट वाटर के लिए सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया जाएगा। बैठक में सीएमओ डा.एचएस दानू, जिला कार्यक्रम अधिकारी रेखा देवी, डीआरडीए पीडी शिव कुमार मिश्र, डिप्टी बीएसए, जल निगम के अधिकारी मौजूद रहे।