जल्द ही पॉटरी नगरी हरी भरी नजर आएगी। इसके लिए नगर से लेकर देहात तक करीब 98 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों की सुरक्षा के लिए जहां सीसी गार्ड लगाए जाएंगे। वहीं, इनकी सिंचाई के संसाधनों की पूरी व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत वन विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
क्षेत्र में कम हो रहे पेड़ों की वजह से हरियाली समाप्त होती जा रही है। पर्यावरण भी नष्ट होता जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक कंकरीट के जंगलों में तब्दील होते जा रहे हैं। इसका दुष्प्रभाव मानव जीवन पर तेजी से पड़ रहा है। इससे जहां भूजल समाप्त हो रहा है वहीं खेतों में फसलों की उत्पादकता भी घट रही है।
पर्यावरण को संरक्षण के लिए वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार की योजना के तहत पॉटरी नगरी के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में 98 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पौधों को लगाने के लिए दस वन ब्लॉकों को चिहिंत किया गया है।
जहां नीम, पिलखन, गुलमोहर, बबूल, जंगल जलेबी, सफेद सिरस, पॉपुलर के पौधे लगाए जाएंगे। रोड को छायादार बनाने के लिए हजरतपुर बाईपास पर हजार से अधिक पौधे लगाने की योजना है।
वन क्षेत्राधिकारी विपिन बिहारी तिवारी ने बताया कि पौधरोपण के लिए चिन्हित किए स्थानों पर खुदाई का काम पूरा हो चुका है। जुलाई माह से काम शुरू कर दिया जाएगा।