बुलंदशहर। जिले के स्मार्ट प्रीपेड मीटर धारकों के लिए एक अच्छी खबर है। ये मीटर अब वापस पोस्टपेड मीटर की तरह कार्य करेंगे। शासन ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म कर दी है। इससे उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने पर बिजली कटने से निजात मिलेगी।
जिलेभर में अभी तक 1,09,191 उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर में से 90,595 प्रीपेड के रूप में कार्य कर रहे हैं जबकि शेष पोस्टपेड की तरह कार्य कर रहे हैं। प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं की समस्या 13 मार्च से बढ़नी शुरू हो गई थी। मीटर में बैलेंस न होने पर स्वत: बिजली कट जा रही थी और रिचार्ज करने पर बहाल हो रही थी। प्रीपेड मीटर में बैलेंस समाप्त होने पर बिजली कटने पर बुलंदशहर समेत प्रदेशभर में विरोध होने पर अब शासन ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर का फैसला वापस ले लिया है। इससे जिले के 90,595 उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
विद्युत वितरण क्षेत्र के मुख्य अभियंता संंजीव कुमार ने बताया कि शासन से स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड की तरह कार्य करने का सोशल मीडिया के जरिए निर्देश मिला है। जिन उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर है वह अपना मोबाइल नंबर अपडेट जरूर करा लें। जिससे समय-समय पर बिल की जानकारी भी मिलती रहे।
उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लिया फैसला : सोमेंद्र तोमर
ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने मंगलवार को नगर में आयोजित हुए कार्यक्रम में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं इस मामले में जांच समिति का गठन किया था। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पुन पोस्टपेड में बदल दिया है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार की प्राथमिकता है कि सभी को अच्छी सुविधा मिले। बिना किसी परेशानी के सुविधा मिलनी चाहिए। 2017 से पहले और उसके बाद की बिजली आपूर्ति में काफी सुधार हुआ है।