कन्या विद्याधन योजना के लिए मदरसा बोर्ड की छात्राएं अपात्र मिलीं तो इसका लाभ यूपी बोर्ड की छात्राओं को मिलेगा। इतना ही नहीं आईसीएसई व संस्कृत बोर्ड में अपात्र पाए जाने का फायदा भी यूपी बोर्ड की उन छात्राओं को मिलेगा जो पात्रता शर्तों पर खरी उतरती हैं। इस हिसाब से जिले में अब यूपी बोर्ड की 903 छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा।
बता दें कि शासन की ओर से जिले में 1138 छात्राआें को कन्या विद्याधन देने की योजना थी। इनमें यूपी बोर्ड से 768, सीबीएसई से 213, आईसीएसई से 71, संस्कृत से 43 और मदरसा बोर्ड से 43 छात्राओं को कन्या विद्याधन दिया जाना था।
यूपी बोर्ड की 92 छात्राओं को अगस्त माह में ही कन्या विद्याधन का लाभ दे दिया गया था, शेष छात्राओं के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही थी। सत्यापन के दौरान मदरसा बोर्ड की एक भी छात्रा विद्याधन के लिए पात्र नहीं पाई गई, साथ ही संस्कृत बोर्ड की 35 व आईसीएसई बोर्ड की 57 छात्राएं भी अपात्र पाई गई।
शासन ने इन छात्राओं के स्थान पर यूपी बोर्ड से छात्राओं के चयन का आदेश दिया है। इसके तहत अब यूपी बोर्ड की 135 अतिरिक्त छात्राओं को योजना का लाभ मिलेगा। डीआईओएस वीना यादव का कहना है कि कन्याविद्याधन में सत्यापन के दौरान आईसीएसई में 57, मदरसा की 43 और संस्कृत बोर्ड की 35 मेधावी छात्राओं का चयन नहीं हो पाया।
अब शासन के आदेश पर इन सभी 135 छात्राओं के स्थान पर यूपी बोर्ड की छात्राओं का चयन किया जाएगा। छात्राओं का सत्यापन शुरू हो गया है। जल्द ही छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाएगा।