नवजात और गर्भवती महिलाओं को घातक बीमारियों से बचाने के लिए प्रदेश की महत्वाकांक्षी टीकाकरण इंद्रधनुष योजना को कस्बे के 83 परिवार पलीता लगा रहे हैं। इन सभी परिवारों ने टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया है।
स्वास्थ्य विभागों इन परिवारों को मनाने में जुटा है। इनमें ज्यादातर परिवार मजदूर वर्ग के हैं और मुस्लिम समाज से ताल्लुक रखते हैं। बता दें कि 0-2 वर्ष के नवजात को घातक बीमारी जैसे टीबी, टिटनेस, गलाघोंटू, काली खांसी, खसरा, दिमागी बुखार, निमोनिया, पीलिया आदि से बचाने व गर्भवती महिलाओं में बीमारी की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने इंद्र धनुष योजना के तहत टीकारण का अभियान चला रखा है।
सीएमएस डॉ. देवी चरण सिंह ने बताया कि टीकाकरण से बुखार होना, बीमारी, नपुंसकता जैसी भ्रांतियों के चलते नगर के आजाद नगर में 5, नई बस्ती में 17, खत्रीवाड़ा में 3, गुलावठी रोड पर 9, बाजार माधोदास में 20, रामपुरा में 5, झारखंडी में 8, रामपुरा द्वितीय में 11 और छासियावाड़ा में 4 परिवारों ने टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम इन सभी परिवारों को टीकाकरण के लिए मनाने में जुटी है। हाल ही में सिरोधन रोड पर बंगाली बस्ती में लोगों के टीकाकरण से मना करने पर स्वास्थ्य विभाग को प्रशासन की मदद लेनी पड़ी थी। मौके पर पहुंचे एसडीएम अतुल कुमार, सीओ धमेंद्र कुमार यादव के प्रयासों से टीकाकरण किया गया था।
टीकाकरण से मना करने वाले परिवारों के समझाने के लिए बस्ती के गणमान्य लोगों के साथ बैठक की जा रही है।
- डॉ. देवी चरण सिंह, सीएमएस