ग्रामीणों पर लाठीचार्ज, पुलिस पर पथराव
- तीन दिन पहले सड़क हादसे में तीन मौत पर फ्लाईओवर की मांग कर रहे थे ग्रामीण
- गांव बगराई के पास हाइवे पर जाम लगाने पर पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ा, बिगड़े हालात
- दो घंटे तक हाइवे पर चला हंगामा, हाइवे पर यात्रियों को दो घंटे जाम से जूझना पड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
खुर्जा। हाईवे स्थित गांव बगराई के पास तीन दिन पहले टैंपो और रोडवेज बस की भिड़ंत में दो महिलाओं समेत तीन की मौत और 20 लोगों के घायल होने पर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने दुर्घटना स्थल पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग करते हुए जाम लगा दिया। समझाने पर भी जब ग्रामीण नहीं मानें तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिससे ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव कर दिया। हाइवे पर भगदड़ मच गई। मुआवजे का आश्वासन देने पर ग्रामीण किसी तरह शांत हुए। करीब दो घंटे तक हाइवे पर जाम रहा, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। पुलिस जाम लगाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद कोई भी जनप्रतिनिधि सामने नहीं आया। उनकी कोई मदद नहीं की गई। इससे गुस्साए कई गांवों के लोगों ने सुबह 11 बजे हाइवे पर जाम लगा दिया। यातायात रुकते ही वाहनों की लंबी कतार लग गई। हंगामे और जाम की सूचना पर एसडीएम हिंमाशु गुप्ता और सीओ जगदीश सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। गांव वासियों के नहीं मानने पर उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिस पर ग्रामीण भड़क गए और पुलिस पर पथराव कर दिया गया। पुलिस करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवा सकी। एसडीएम ने ग्रामीणों को बताया कि फ्लाईओवर निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सड़क हादसे में मारे गए मृतकों के परिवारोें को शासन की ओर से किसान सड़क दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाए जाने की गुजारिश की जाएगी।
- 15 नामजद और सौ अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि हाईवे पर जाम लगाने और पुलिस पर पथराव करने वालों को चिह्नित कर लिया गया है। 15 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ ने कहा कि किसी भी हाल में लॉ-एंड-आर्डर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
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