नोटबंदी की अवधि में बैंक में 500-1000 के नोट की बेहिसाब ट्रांजेक्शन करने पर आयकर विभाग ने 80 पेट्रोप पंप मालिकों को नोटिस जारी किया है। आयकर विभाग की कार्रवाई के विरोध में पेट्रोल पंप मालिक एसोसिएशन उतर आया है।
भारत सरकार ने आठ नवंबर-2016 को 500-1000 का नोट अचानक चलन से बाहर कर दिए थे। सरकार ने आम आदमी को 1000 और 500 का नोट खर्च करने के लिए पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल एवं सीएनजी आदि भरवाने की सहुलियत प्रदान की थी। इसके अलावा चलन से बाहर की गई करेंसी को बैंक शाखाओं में डिपॉजिट करना था।
इस बीच कुछ पेट्रोप पंप मालिकों ने बैंकों में पुरानी करेंसी बड़ी संख्या में डिपॉजिट की। इसपर आयकर विभाग की नजर पड़ी तो आनन फानन में पेट्रोलपंप मालिकोें को नोटिस जारी कर दिए गए।
80 पेट्रोल पंप मालिकों को नोटिस भेजे गए हैं। एक सप्ताह के भीतर पेट्रोल पंप मालिकों को साक्ष्य के साथ आयकर विभाग के अफसरों को जवाब देना होगा कि बैंक में जमा कराए गए 500-1000 के नोट ब्लैक मनी नहीं थे।
कार्रवाई के विरोध में उतरा पंप मालिक संघ
आयकर विभाग की कार्रवाई के विरोध में पेट्रोल पंप मालिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं पेट्रोल पंप मालिकों की बैठक हुई। बैठक में पेट्रोल पंप मालिक एसोसएशन के अध्यक्ष धमेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि नोटबंदी के दौरान जिन पंप मालिक ने डिपो से 50 लाख का फ्यूल मंगाया और 45 लाख रुपये का तेल बेचकर रकम बैंक में जमा करवा दी तो इसमें नियम विरूद्ध कुछ भी नहीं हुआ।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इनकम टैक्स ज्वाइंट कमिश्नर बीके दीक्षित से बैठक में वार्ता की। इस अवसर पर महामंत्री देवेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष राहुल शर्मा उपाध्यक्ष रंजीत सिंह, सत्यदेव, गगन तायल, मंत्री मुनेष सिंह, जोगेंद्र सिंह जिलेभर के डीलर,शलभ पांडेय, उमेश वार्ष्णेय, शिव किशोर गौर मौजूद रहे।