चार साल बाद महिला अस्पताल से अब रिलीव होंगे बाबू
बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल में तैनात एक बाबू को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक ने बाबू को रिलीव करने का आदेश जारी किया है। जिसका समायोजन चार साल पूर्व सीएमओ के अधीन किया गया था। अस्पताल प्रशासन ने कार्य का अधिक भार बताकर बाबू को रोक लिया है और जल्द ही रिलीव करने की बात कही है। जिला महिला अस्पताल के एक लिपिक का जून 2015 में प्रोन्नति होने के बाद शासन ने सीएमओ कार्यालय से अटैच कर दिया था। अस्पताल में किसी लिपिक का समायोजन न होने पर लिपिक को रिलीव नहीं किया गया। जबकि जून 2018 में शासन ने जिला अस्पताल से एक लिपिक का समायोजन कर महिला अस्पताल स्थानांतरण कर दिया था। इसके बाद पुन अगस्त 2018 में बाबू को अस्पताल प्रशासन द्वारा रिलीव कर सीएमओ कार्यालय में अटैच करने के आदेश दिए गए। जिसके बाद भी अस्पताल प्रशासन द्वारा कार्य का अधिक भार बताकर शासन को लिपिक को समायोजित करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के निदेशक को पत्र भेजकर मांग की गई। लेकिन निदेशक द्वारा समायोजित करने से साफ इंकार कर दिया गया। अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा की निदेशक डॉ. पूजा पांडेय ने पुन: महिला अस्पताल अधीक्षक को बाबू को तत्काल कार्य मुक्त करते हुए नई तैनाती स्थल पर भेजने के सख्त आदेश दिए हैं। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. बीना रानी ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के निदेशक का पत्र मिल चुका है। बाबू को जल्द ही रिलीव कर दिया जाएगा। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि महिला अस्पताल से संबंधित बाबू को शासन स्तर से कार्यालय के लिए स्थानांतरण हुआ है। अस्पताल प्रशासन द्वारा बाबू को रिलीव करने की जानकारी दी गई है। ब्यूरो