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निर्माण की सुस्त रफ्तार,कैसे होगा ओडीएफ का सपना साकार

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निर्माण की सुस्त रफ्तार से कैसे होगा ओडीएफ का सपना साकार
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-अब तक ब्लॉक की 16 ग्राम पंचायत, आठ राजस्व गांव हो चुके है ओडीएफ
-प्रशासन ने अप्रैल 2018 तक ओडीएफ कराने का लक्ष्य किया है निर्धारित
सिकंदराबाद। ब्लॉक क्षेत्र में शौचालय निर्माण का कार्य बहुत ही धीमी गति के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे में ब्लॉक को अप्रैल 2018 तक खुले में शौच से मुक्त कराने का सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा हैं। ब्लॉक अधिकारी निर्माण की धीमी गति के लिए फंड की कमी का रोना रो रहे हैं।
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वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता पर आसीन हुई मोदी सरकार ने देश को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए शौचालय निर्माण को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ा था। शौचालय निर्माण के लिए केंद्र, प्रदेश सरकार द्वारा लाभार्थी को अनुदान देने की व्यवस्था की गई थी। पूर्व की सपा सरकार ने केवल लोहिया गांवों को खुले में शौच से मुक्ति कराने का लक्ष्य रखा था। मार्च 2017 में प्रदेश में आई योगी सरकार ने सभी गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने का लक्ष्य रखा। और सभी गांवों के लिए धनराशि देने का प्रावधान किया। एडीओ ग्राम पंचायत गब्बर सिंह ने बताया कि ब्लॉक की 96 ग्राम पंचायतों, 141 राजस्व गांव को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए 16259 शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक ब्लॉक में 7516 शौचालयों का निर्माण किया गया है। दिसंबर 2017 तक ब्लॉक की 16 ग्राम पंचायतों को आठ राजस्व गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका हैं। औसतन माह में दो ग्राम पंचायतों, एक राजस्व गांव को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। जबकि प्रशासन ने ब्लॉक को अप्रैल 2018 तक खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। आंकड़ो के हिसाब से ग्राम पंचायतों, राजस्व गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने की रफ्तार काफी धीमी है। ऐसे में अप्रैल 2018 तक ब्लॉक को खुले में शौच से मुक्त कराने का सपना महज एक सपना ही लग रहा है उसके हकीकत में बदलने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। एडीओ ने बताया कि समय से फंड नहीं मिलने के कारण शौचालय निर्माण धीमी गति से हो रहा है।
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