बुलंदशहर। 28 मार्च 2005 से पहले निकाले गए विज्ञापन के आधार पर नौकरी पाने वाले जिले के 700 शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद शिक्षकों में खुशी है। हालांकि शिक्षकों की यूनियन सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन को बहाल करने की मांग कर रही है। पास हुए प्रस्ताव के संबंध में अभी तक अधिकारियों को कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक के दौरान विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इस दौरान 28 मार्च 2005 से पहले प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने की घोषणा की गई। बताया जा रहा है कि नए नियमों के मुताबिक 700 शिक्षक पुरानी पेंशन के लिए पात्र हैं। ऐसे में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने भी सरकार के इस कदम को सराहा है, लेकिन साथ ही मांग की है कि सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
उत्तर प्रदेशीय प्रांतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से 28 मार्च 2005 से पहले प्रकाशित विज्ञापन पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन देने का कदम सराहनीय है। अब सरकार को सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की घोषणा करनी चाहिए, क्योंकि लंबे समय से शिक्षक इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। बीएसए डाॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक शासन से इस संबंध में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।