औरंगाबाद क्षेत्र से अमरनाथ की यात्रा करने गए 45 श्रद्धालु तमाम मुश्किलों को दूर करते हुए अनंतनाग से जम्मू पहुंच गए हैं। स्थानीय सरकार ने उन्हें सेना के राहत शिविर में शरण दी है। सरकार ने 48 घंटे बाद उन्हें खाने-पीने की राहत सामग्री देकर कुछ शकुन पहुंचाया है।
बता दें कि गत सात जुलाई को जनपद से श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ यात्रा के लिये रवाना हुआ था। जिसमें औरंगाबाद सहित कई स्थानों के 45 श्रद्धालु शामिल थे। हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में माहौल असामान्य होने के कारण जनपद के 45 श्रद्धालु शनिवार की सुबह फंस गए थे।
सेना ने इनको अपने कब्जे में ले लिया था। सोमवार दोपहर चार बजे तक श्रद्धालुओं से संपर्क न होने के कारण परिजनों की धड़कनें बढ़ने के साथ उनकी सांसे तक अटक गई। सोमवार की शाम करीब पांच बजे सेना के जवानों ने अनंतनाग में फंसे हजारों श्रद्धालुओं को जम्मू स्थित सेना के शिविर में पहुंचाना शुरू कर दिया है।
शिविर में श्रद्धालुओं ने करीब 48 घंटे बाद खाना खाकर राहत महसूस की है। वार्ड एक से जिला पंचायत सदस्य महेश लोधी ने फोन पर बताया कि अमरनाथ जाने के लिए सभी 45 श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन हो गया है। 13 को अमरनाथ जाने के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना होगा।