काली नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी ने सख्त रुख अपना लिया है। एनजीटी ने जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर ऐसे लोगों/प्रतिष्ठानों को चिंहित करने को कहा है, जो काली नदी को गंदा करने में लगे हैं। बता दें कि काली नदी के आसपास जनपद में करीब पांच हजार व्यवसायिक प्लांट और परिवार हैं।
काली नदी जनपद के चार ब्लॉक अगौता, बुलंदशहर, शिकारपुर और पहासू से होकर गुजर रही है। बुलंदशहर में काली नदी पुल के आसपास तकरीबन एक हजार परिवार बसे हुए हैं। स्थिति यह है कि आबादी क्षेत्र काली नदी में प्रवेश कर चुका है। आबादी क्षेत्र में जल निकासी का माकूल प्रबंधन नहीं होने से गंदा पानी काली नदी में बहा दिया जाता है।
इससे काली नदी जहरीली हो गई है। काली नदी का वजूद लौटाने के लिए एनजीटी ने जिला प्रशासन को नोटिस भेजकर ऐसे लोगों को चिंहित करने का आदेश दिया है जो नदी को गंदा करने में लगे हैं। एनजीटी ने कहा है कि जो लोग नदी में गंदा पानी बहा रहे हैं वह जल्द ही ऐसी व्यवस्था कर लें ताकि गंदा पानी नदी में न गिरे। यदि पानी गिराया भी जाए तो ट्रीटमेंट के बाद।
काली नदी के आसपास गांवों में पीने का पानी भी दूषित हो चुका है। जलनिगम की रिपोर्ट के मुताबिक काली नदी के पानी में आर्सेनिक और फ्लोराइड जैसे हानिकारक तत्व विद्यमान हैं। यह तत्व स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होते हैं।