अनूपशहर में बढ़ा गंगा का जलस्तर। संवाद
अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा नदी में एक बार फिर बढ़े जलस्तर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बिजनौर से दो बार में 3.06 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बिजनौर बैराज से बुधवार की शाम 1.42 लाख क्यूसेक पानी और बृहस्पतिवार की सुबह 1.64 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे घाटों की सीढ़ियां डूब गईं लेकिन गनीमत है कि अभी यह पानी खादर से बाहर खेतों तक नहीं पहुंचा है। नरौरा बैराज पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि अभी पानी सामान्य श्रेणी में है।
बुधवार की तुलना में 22 हजार क्यूसेक अधिक पानी छोड़ने के कारण अनूपशहर में गंगा का जलस्तर बढ़कर घाटों तक पहुंच गया है। सिंचाई विभाग ड्रेनेज के जेई उमेश कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि देर शाम के बाद गंगा के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। एसडीएम अनूपशहर प्रियंका गोयल के अनुसार प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रख रहा है। पांच बाढ़ चौकी पर तहसील कर्मचारी और लेखपाल तैनात किए गए हैं। सिंचाई विभाग ने आश्वासन दिया है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई बात नहीं है। विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है। स्थानीय लोगों में गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता है।
किसान ओमप्रकाश और रविंद्र का कहना है कि पहले आई गंगा में बाढ़ का पानी अभी भी खेतों में भरा हुआ है। वहीं, अब एक बार फिर बढ़े जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। यदि अब और ज्यादा जलस्तर बढ़ा तो फसलों को और नुकसान होगा। इस नुकसान की भरपाई करना बहुत मुश्किल होगा। किसानों को इस समय अपनी फसलों की चिंता और सताने लगी है। वहीं, दूसरी ओर गंगा बैराज पर लगातार गिर रहे नदी के जल स्तर में आंशिक वृद्धि दर्ज हुई है।
बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को नरौरा बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 128716 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बुधवार बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 134584 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जबकि सोमवार को बैराज से 128000 क्यूसेक पानी की जा रही थी। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7978 व पीएलजीसी नहर 7052 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। गंगा का जलस्तर सामान्य श्रेणी में है और किसी तरह से लोगों खासकर किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।