जनपद के 3900 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल का लुक दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने परिषदीय स्कूलों की भांति आंगनबाड़ी केंद्रों की तस्वीर बदलने की संवर्धन योजना तैयार की है। आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों पर कौन-कौन से रंग होंगे इसको फाइनल कर लिया गया है।
जनपद के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत जर्जर है। केंद्रों पर साढ़े चार लाख बच्चे पंजीकृत हैं। मुख्य रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना कुपोषण का खात्मा करने के लिए की गई थी। इसी क्रम में केंद्रों पर बच्चों का स्वास्थ्य स्तर बढ़ाने के लिए पोषाहार वितरित किया जाता है।
वहीं, डीएम की संवर्धन योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई पुताई कराई जाएगी। रंगाई पुताई पीले और गुलाबी रंग से होगी। आंगनबाड़ी केंद्र पर बने कमरे क्लास रूम में तब्दील होंगे। दीवारों पर पक्षी, फ्रूट, सब्जी और जानवर आदि का नाम समेत चित्रण किया जाएगा।
शाहजहांपुर जनपद में भी डीएम शुभ्रा सक्सेना से आम आदमी के सहयोग से स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसा ही काम किया था। जिसके कारण उनको वहां अलग अधिकारी के रुप में पहचान मिली।
सात मई को बदौली से होगा शुभारंभ
डीएम शुभ्रा सक्सेना सात मई को सुबह करीब साढ़े सात बजे खुर्जा के बदौली गांव पहुंचेंगी और संवर्धन योजना की शुरुआत करेंगी। बता दें कि डीएम ने गांव बदौली को गोद लिया है।
विभागों को मिलने वाला कंजीटेंसी फंड संवर्धन योजना में इस्तेमाल किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों को और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे कुपोषण के खात्में के साथ-साथ बच्चों को प्राथमिक शिक्षा भी मिले। - शुभ्रा सक्सेना, जिलाधिकारी