बुलंदशहर। न्यायालय ने 27 साल पुराने मारपीट के एक मामले में आरोपी को दोषी सिद्ध करते हुए उसे कोर्ट उठने तक की सजा और तीन हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव मिर्जापुर निवासी सोनू ने दिनांक 11 अगस्त 1998 को वादी नत्थू सिंह के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की थी। इस संबंध में थाना कोतवाली देहात पुलिस ने नामजद आरोपियों खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। साथ ही पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद दिनांक 8 सितंबर 1998 को न्यायालय में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। वहीं, अब 27 साल की लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद 29 नवंबर 2025 को न्यायाधीश अर्चना सिंह न्यायालय सीजे/एसडी-एफटीसी ने सोनू को दोष सिद्ध पाया। न्यायालय ने दोषी सोनू को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाते हुए 3000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
22 वर्ष बाद आरोपी दोषी करार, जेल में बिताई जा चुकी 38 दिन की हुई सजा
बुलंदशहर। बुलंदशहर। जिले की एक अदालत ने 22 साल पुराने अवैध असलहा बरामदगी के एक मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उसे जेल में बिताई गई अवधि (38 दिन) की सजा और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के भईपुर निवासी अभियुक्त बिल्लू सिंह को दिनांक 22 दिसंबर 2003 को पुलिस ने अवैध असलहा और दो कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना जहांगीराबाद पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में मौलवाड़मा भी दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने 25 दिसंबर 2003 को ही न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया था। अब न्यायाधीश अर्जुन डबास न्यायालय एसीजे/एसडी-02 ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयान और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी बिल्लू को दोष सिद्ध पाया है।