गांवों में बंद पड़े 27 ओवर हेड टैंकों को चालू कराकर जल निगम तीन लाख ग्रामीणों की प्यास बुझाएगा। बता दें कि इन गांवों में पानी की टंकिया बंद होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने पिछले दिनों जल निगम और उप जिलाधिकारियों को बंद पड़ी पानी की टंकियों को चिंहित करने का आदेश दिया था। इसी क्रम में सिकंदराबाद के गांव सांवली, तिलबेगमपुर, शेरपुर, हृदयपुर, जोखाबाद और गोपालपुर समेत 27 पानी की टंकिया बंद पाई गई।
खुर्जा, स्याना, अनूपशहर, डिबाई, बुलंदशहर, गुलावठी, शिकारपुर क्षेत्र में भी पानी की टंकिया चालू नहीं होने से पेयजल संकट खड़ा हो गया है। जल निगम ने इन पानी टंकियों को ग्रामसभा के सुपुर्द दे रखा है। पानी की टंकियों के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों की है।
पानी की टंकियां खराब होने से गांवों में स्वच्छ पेयजल की सप्लाई नहीं हो रही है। सर्वे में टंकी बंद होने का कारण पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की बात सामने आई थी। डीएम ने पावर अफसरों को आदेश दिया है बिजली के कारण बाधित पानी की आपूर्ति के लिए बिजली व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में 1250 हेडपंप खराब हालत में हैं। इनमें से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। ऐसे में देहात क्षेत्र में पेयजल संकट खड़ा हो गया है।