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Bulandshahar News: बंद खातों से उड़ाये 1.93 करोड़, बैक मैनेजर समेत चार गिरफ्तार

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साइबर क्राइम थाना पुलिस की गिरफ्त में शातिर साइबर ठगों के साथी बैंककर्मी। संवाद
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बुलंदशहर। बंद खातों से 1.93 करोड़ रुपये उड़ाने के मामले में पुलिस ने बैंक मैनेजर सहित चार कर्मियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंककर्मी शातिर ठगों को बंद खातों का विवरण देते थे। इन खातों में अपना मोबाइल नंबर लगाकर जालसाज ठगी की रकम ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस के मुताबिक 11 राज्यों में गिरोह का नेटवर्क फैला है। ठगी की एक एफआईआर की जांच में मामले का खुलासा हुआ। गिरफ्तार आरोपियों से चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड व अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस मुख्य आरोपी सहित तीन की तलाश में दबिश दे रही है।
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एसपी क्राइम नरेश कुमार ने बताया कि 18 मई को नगर के मोहल्ला देवीपुरा प्रथम शास्त्री पार्क निवासी असलम ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि वर्ष 2022 में वह चारपाई-फोल्डिंग बनाने का कार्य करते थे। व्यवसाय के संचालन के लिए उन्होंने बंधन बैंक में अपना खाता खुलवाया था। कुछ समय उनका काम बंद हो गया था। ऐसे में उन्होंने 31 दिसंबर 2022 के बाद बैंक खाते से कोई लेनदेन नहीं किया था।
इसके बाद उन्होंने जम्मू में व्यवसाय शुरू किया और वहीं रहने लगे। अप्रैल 2025 में कुछ अज्ञात व्यक्ति उनके घर पर गए और बताया कि उनके बैंक खाते से अवैध लेनेदेन किया जा रहा है। उन्होंने बंधन बैंक में पूछताछ की तो पता चला कि उनके बैंक खाते में कोई अन्य मोबाइल नंबर लगा हुआ है और उससे लेनदेन किया गया है।
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साइबर टीम की जांच में बलराम उर्फ बल्ले (बैंककर्मी) निवासी गांव मेहमदपुर थाना ककोड़, अंकित शर्मा (बैंक प्रबंधक) निवासी विश्व बैंक काॅलोनी थाना बर्रा कानपुर, जीतू उर्फ जितेन्द्र (बैंककर्मी) निवासी गढि़या मानपुर थाना अगौता, शुभम कौशिक (बैंककर्मी) निवासी गांव गिनौरा जनारदार थाना सलेमपुर, नवल सैनी निवासी गुड़गांव हरियाणा, डेविट गौतम निवासी गांव मालागढ़ थाना अगौता और अनुज्ञय प्रताप सिंह निवासी गांव महमूदपुर थाना ककोड़ का नाम प्रकाश में आया।
थाना साइबर पुलिस ने सोमवार को आरोपी बलराम उर्फ बल्ले, अंकित शर्मा, जीतू उर्फ जितेन्द्र व शुभम कौशिक को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 20 चेकबुक, 14 पासबुक और सात एटीएम कार्ड बरामद किए गए। पकड़े गए चारों आरोपी बंधन बैंक के कर्मचारी हैं।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मुख्य आरोपी नवल और डेविट हैं, जो शातिर साइबर ठग हैं। आरोपियों ने संबंधित बैंक कर्मियों से संपर्क किया और असलम के खाते का मोबाइल नंबर बदलवा दिया। इसके बाद आरोपी बैंक कर्मियों ने बीते दिनों नवल और डेविट को संबंधित नंबर का सिम व अन्य चीजें उपलब्ध करा दीं। इसके बाद आरोपियों ने 11 राज्यों में ठगी कीं और करीब 1,93,53,570 रुपये संबंधित खाते में स्थानांतरित करवा लिए। आरोपियों ने विभिन्न आरटीजीएस, एनईएफटी और यूपीआई के माध्यम से रकम निकाली है।


ट्रेडिंग के नाम पर करते थे धोखाधड़ी
जालसाज पहले बैंक कर्मचारियों से मिलकर ऐसे बैंक खातों की जानकारी करते, जिनमें काफी समय से लेनदेन न हुआ हो या खाता धारक कहीं बाहर चला गया हो या उसकी मृत्यु हो गई हो या फिर उसने अपना खाता बंद कराने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र दिया हो। इसके बाद आरोपी ऐसे खातो में मोबाइल नंबर बदलवाने, होल्ड और अनहोल्ड हटवाने के लिए खुद ही प्रार्थना पत्र लिखकर व बैंक फॉर्म भरकर केवाईसी व सिग्नेचर वैरिफाई करके बैंक मैनेजर से स्वीकृत करा लेते हैं। इसके बाद उसमें ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी करके धन मंगाकर अपने साथियों के खातों में ट्रांसफर करके निकाल लेते हैं। जब आरोपियों को यह लगता है कि खाताधारक को खाता चलाने की आवश्यकता नहीं है तो उस खाते पर एटीएम कार्ड और चेकबुक भी जारी करवा लेते हैं।
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